और अब यूपी में बसपा का बंद

Image caption विपक्ष के बंद के बाद अब उत्तर प्रदेश में मायावती का बंद है

उत्तर प्रदेश में सत्तारुढ़ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार ने सोमवार को महंगाई के ख़िलाफ़ विपक्षी दलों के आंदोलन को बड़े पैमाने पर पुलिस बल लगाकर सख्ती से दबाने का प्रयास किया, हालांकि बीएसपी मंगलवार को स्वयं ही महंगाई के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन करने जा रही है.

भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दलों के कार्यकर्ता मंहगाई के ख़िलाफ़ अलग-अलग सड़कों पर उतरे.

सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद में फाफामऊ, बस्ती, नौगढ़, कासगंज, टूंडला और गाजीपुर आदि कई स्थानों पर प्रतीकात्मक विरोधस्वरूप ट्रेनें रोकीं, मगर पुलिस बल ने उन्हें जल्दी ही तितर बितर कर दिया.

विपक्ष के जुलूस प्रदर्शन के कारण कहीं कहीं सड़क यातायात भी बाधित हुआ. लेकिन ज्यादातर स्कूल कॉलेज, आफिस और बाज़ार खुले रहे.

छिटपुट स्थानों को छोड़कर जनजीवन पर विपक्ष की हड़ताल का कोई ख़ास असर नहीं पडा.

पुलिस के अनुसार 1068 विपक्षी नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान गिरफ़्तार किए गए जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया.

पुलिस ने राजधानी लखनऊ में जुलूस निकाल रहे भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया.

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सुबह सुबह ही विधानसभा स्थित पार्टी कार्यालय से जुलूस बनाकर निकले, लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके इन्हें रोक लिया.

अरुण जेतली, मुख़्तार अब्बास नकवी और लालजी टंडन समेत करीब सौ कार्यकर्ताओं ने वहीं सत्याग्रह करके गिरफ़्तारी दे दी.

कुछ देर बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही एक जुलूस लेकर चले, मगर उन्हें भी निषेधाज्ञा उल्लंघन के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया.

इसके बाद राजभवन चौराहे के पास समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच घमासान शुरू हुआ.

विधानसभा में नेता विरोधी दल शिवपाल सिंह यादव और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता जैसे ही पार्टी आफिस से बाहर निकले, पुलिस ने उन्हें रोक दिया.

लाठी चार्ज

पुलिस ने इन पर पानी की बौछारें और लाठियां चलाईं. सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थर फेंके.

क़रीब दो घंटे की रस्साकशी के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने भी गिरफ़्तारी दे दी.

शिवपाल यादव ने लाठीचार्ज की निंदा की, तो भतीजे अखिलेश यादव ने केंद्र के साथ राज्य की माया सरकार पर भी निशाना साधा.

उनका कहना था,''केंद्र तो बढ़ा ही रही है मंहगाई, लेकिन उत्तर प्रदेश की सरकार भी जिम्मेदार है. बस का किराया बढ़ा दिया, बिजली का दाम बढ़ा दिया, स्कूल कॉलेज में जो फ़ीस लगती है, वह भी बढ़ा दी. घरों पर कर लगा दिया और जो पैसा करो से इकट्ठा हो रहा है, उसे पत्थरों पर लगा दिया.''

पुलिस जिस चौराहे पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को जुलूस निकालने से रोक रही थी, वहीं पास में बहुजन समाज पार्टी की तरफ से बड़े बड़े होर्डिंग लगे थे, जिनमे ऐलान किया गया है कि बहुजन समाज पार्टी सरकार के वरिष्ठ मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में मंगलवार को मंहगाई के ख़िलाफ़ विशाल धरना प्रदर्शन करेगी.

उधर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा ने एक बयान जारी करके विपक्ष के भारत बंद को उत्तर प्रदेश में असफल बताया है.

रीता बहुगुणा के अनुसार इससे पहले 1997 में केंद्र की संयुक्त मोर्चा सरकार और फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम सरकार के नियंत्रण से मुक्त करने का फ़ैसला किया था.

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