जगन ने बगावत का झंडा बुलंद किया

वाईएसआर रेड्डी
Image caption वाईएसआर का जन्मदिन टकराव का कारण बन गया है

आंध्र प्रदेश से कांग्रेस के सांसद वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के विरुद्ध बग़ावत का झंडा उठा दिया है.

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी के मना करने के बावजूद जगनमोहन रेड्डी ने कहा है कि वो अपने पहले ही से तय कार्यक्रम के अनुसार आठ जुलाई से श्रीकाकुलम से अपनी 'उदार्पू' या दिलासा यात्रा शुरू कर देंगे.

उन्होंने जनता को सोमवार को लिखे अपने खुले पत्र में कहा है कि वो अवश्य ही अपनी यात्रा शुरू करेंगे. जगनमोहन रेड्डी का कहना है कि उस दिन उनके दिवंगत पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी का जन्मदिन है और उनकी यात्रा शुरू करने के लिए इससे अच्छा कोई और दिन नहीं हो सकता.

जगन इस यात्रा में उन परिवारों को दिलासा देना चाहते हैं जिनके सदस्यों की वीएसआर की मौत की ख़बर सुन कर सदमे से मौत हो गई थी या उन्होंने तथाकथित रूप से आत्महत्या कर ली थी. इस यात्रा ने मार्च के महीने में उस समय एक विवादास्पद मोड़ ले लिया था जब जगन ने तेलंगाना में अपनी यात्रा ले जाने की कोशिश की और तेलंगाना राज्य के समर्थकों ने उन्हें रोका.

इससे हिंसा भड़क उठी और पुलिस ने जगन को गिरफ्तार कर लिया. उसको लेकर जगन और कांग्रेस आलाकमान के बीच काफ़ी कड़वाहट बढ़ गई.

यात्रा पर विवाद

जगन को अपने यात्रा स्थगित करनी पड़ी क्योंकि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने जगन को यात्रा की अनुमति नहीं दी.

स्वयं जगन ने अपने खुले पत्र में कहा कि पिछले महीने उन्होंने उनकी माँ और छोटी बहन के साथ सोनिया गाँधी से भेंट कर के स्पष्ट किया था कि उनका यह यात्रा करना क्यों ज़रूरी है. लेकिन इसके बाद भी सोनिया यात्रा के पक्ष में दिखाई नहीं दीं. जगन ने कहा कि वो एक महान नेता के बेटे होने के रूप में अपना कर्तव्य निभाना चाहते हैं और अपने पिता की मौत के स्थान पर उन्होंने जनता से जो वादा क्या था, उसे निभाना चाहते हैं.

जगन ने कहा कि उनके पिता ने उन्हें केवल अपना रक्त ही नहीं बल्कि स्वभाव भी दिया है.

चुनौती देने वाले अंदाज़ में जगन ने कहा कि उनके लिए ये ज्यादा महत्वपूर्ण बात नहीं है कि वो कितना लंबा जीते हैं बल्कि यह बात अहम है कि वो किस अंदाज़ में जीते हैं. उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि उन्होंने उदार्पू यात्रा निकालने और हर दुखी परिवार को दिलासा देने का जो वादा क्या है उसे वो ज़रूर पूरा करेंगे. अपने और सोनिया गाँधी के बीच मतभेदों के बारे में जगन ने बताया कि पिछली भेंट में सोनिया गाँधी ने उनसे कहा था कि वो यात्रा निकालने के बजाए सारे दुखी परिवारों को एक जगह बुलाएँ और उन्हें कुछ आर्थिक सहायता दें.

जगन ने कहा कि इस पर उनकी माँ विजयलक्ष्मी ने सोनिया गाँधी से कहा कि यह बात अच्छी परंपराओं के विरुद्ध होगी.

विजयलक्ष्मी ने सोनिया गांधी को यह भी याद दिलाया कि जब उनके पति (वाईएसआर) का निधन हो गया था तो सोनिया ने दिल्ली से हैदराबाद आकर उनके परिवार को दिलासा दिया था न कि परिवार को दिल्ली बुलाया था. इस यात्रा से पहले ही आंध्र प्रदेश में कांग्रेस दो गुटों में बंट गई है और मुख्यमंत्री रोसय्या के समर्थक जगनमोहन रेड्डी का विरोध कर रहे हैं और जगन के समर्थक मुख्यमंत्री को निशाना बना रहे हैं.

वाईएसआर का जन्मदिन भी टकराव का कारण बन गया है.

जगन चाहते हैं कि सब विधायक और मंत्री श्रीकाकुलम में उनके कार्यक्रम में आकर उनके पिता को श्रद्धांजलि दें जबकि ऐसी किसी कोशिश को विफल करने के लिए सरकार ने उस रोज़ विधानसभा का सत्र बुला लिया है और कहा है कि वाईएसआर का जन्म दिन समारोह हैदराबाद में ही मनाया जाएगा.

पिछले साल सितंबर में उनके पिता की मौत के बाद लगभग सभी कांग्रेस विधायकों ने जगन को नया मुख्यमंत्री बनाने की मांग की थी और कई मंत्रियों ने भी इसका समर्थन किया था.

लेकिन आलाकमान ने इसे रद्द करते हुए रोसय्या को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया था. अब देखना यह है कि सोनिया गाँधी से सीधी टक्कर में कितने मंत्री और विधायक जगनमोहन रेड्डी का साथ देते हैं.

संबंधित समाचार

संबंधित इंटरनेट लिंक

बीबीसी बाहरी इंटरनेट साइट की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है