कश्मीर: गोलीबारी से हुई तीसरी मौत

भारत प्रशासित कश्मीर में पुलिस की गोलीबारी में मंगलवार को मरने वालों की संख्या तीन हो गई है.श्रीनगर में कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

इससे पहले सुबह घायल हुई एक लड़की की मौत हो गई थी. इस 25 वर्षीय लड़की की मौत बटमालू इलाक़े में हुई.

सुबह हुई गोलीबारी में फ़याज़ अहमद नाम के एक युवक की भी मौत हो गई थी. स्थानीय नागरिक मंगलवार को गंगाबग में प्रदर्शन कर रहे थे और वहीं पुलिस से उनकी झड़प हुई.

श्रीनगर में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. अनंतनाग और पुलवामा में भी कर्फ़्यू लगा हुआ है. अनंतनाग में कर्फ़्यू का सातवां दिन है. घाटी में दिनभर हुई झड़पों में पुलिस समेत 100 लोग घायल हुए हैं.

मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने पहले पुलिस पर पथराव करना शुरु किया और बाद में पुलिस ने उनको तितर-बितर करने के लिए गोलियाँ चलाईं.

ये प्रदर्शन एक अन्य युवक मुज़फ़्फ़र अहमद की मौत के विरोध में हो रहे थे. इस युवक की सोमवार की शाम मौत डूबने से हो गई थी. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि युवक पुलिस की वजह से डूबा. इस मामले में पुलिस ने कोई बयान नहीं दिया है.

कश्मीर घाटी में मंगलवार को प्रदर्शनों का दौर जारी रहा. पुलिस के साथ झड़पों में कई लोग घायल हुए हैं.गुस्साए लोगों ने सरकारी गाड़ी को आग लगा दी और एक सरकारी बस को नुकसान पहुँचाया.

तनाव

Image caption कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शनों का दौर जारी है

पिछले कुछ हफ़्तों में कश्मीर घाटी या तो कर्फ्यू की वजह से या फिर प्रदर्शनकारियों के विरोध प्रदर्शन की वजह से बंद रही है.

ये प्रदर्शन सुरक्षा बलों की गोलियों से दो युवकों के मारे जाने से शुरु हुए थे लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुए संघर्ष के बाद कई और लोगों की मौत हो गई. जिनकी मौत हुई उनमें से अधिकांश नवयुवक ही थे.सिर्फ़ जून के महीने में ही 11 लोगों की मौत हुई है.

मंगलवार को कुछ प्रदर्शनकारियों ने गोगजीनगर में एक सरकारी एंबेसडर कार को आग लगा दी.

इस बीच हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता मीर वाइज़ उमर फ़ारुक़ ने ने राजौरी कदल चौक पर धरना दिया और इसके बाद वे श्रीनगर में दूसरे स्थानों पर धरना दे रहे हैं.

आम तौर पर मीर वाइज़ इस तरह के प्रदर्शनों में शामिल नहीं होते.भारत प्रशासित कश्मीर में प्रदर्शनों का ये सिलसिला सोपोर में दो युवकों की मौत के बाद शुरु हुआ.

पहले तो इन मौतों के लिए अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ़ को दोषी ठहराया गया था और उसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन शुरु हो गए थे.

कश्मीर के हालात पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कुछ दिन पहले गृह मंत्रालय, ख़ुफ़िया विभाग और सेना के अधिकारियों की बैठक भी बुलाई थी.

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