कांग्रेस आलाकमान को जगन की चुनौती

  • 8 जुलाई 2010
जगन मोहन

आंध्र प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के सांसद वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने पार्टी आलाकमान के निर्देश को अनदेखा करते हुए गुरुवार को श्रीकाकुलम जिले से अपनी ‘ओदार्पू’ या दिलासा देने वाली यात्रा शुरू कर दी है.

श्रीकाकुलम ज़िले के इच्छापुरम क़स्बे में हज़ारों लोगों ने सड़क के किनारे खड़े होकर जगनमोहन रेड्डी का स्वागत किया.

कडप्पा के सांसद ने शहर में अपने दिवंगत पिता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की एक मूर्ति का भी अनावरण किया. ग़ौरतलब है कि आज राज रेड्डी का जन्मदिन है.

अनावरण के बाद जगनमोहन रेड्डी ने कहा, “वाइएसआर मरे नहीं है बल्कि राज्य के हर व्यक्ति के दिल में ज़िंदा हैं. इसीलिए आप सब मुझे अपने बेटे अपने और छोटे भाई के रुप में सम्मान दे रहे हैं.”

जगनमोहन इच्छापुरम में ही अपने पिता राजशेखर रेड्डी की दुर्घटना में मौत के बाद आत्महत्या करने वाले एक व्यक्ति के परिजनों से मिले और उनके साथ भोजन भी किया.

वो इस यात्रा के दौरान ऐसे कई परिवारों को दिलासा देंगे जिनके सदस्यों ने राजशेखर रेड्डी की मौत के बाद आत्महत्या कर ली थी.

उधर आंध्रप्रदेश सरकार भी गुरुवार को राजशेखर रेड्डी का जन्मदिन मना रही है. गत सिंतबर हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद वाईएसआर का ये पहला जन्म दिन है.

समर्थकों की उलझन

कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी उलझन उस समय और भी बढ़ गई जब मुख्यमंत्री रोसय्या ने सार्वजनिक रूप से अपने मंत्रियों और पार्टी विधायकों को सलाह दी कि वो इस यात्रा से दूर रहें क्योंकि खुद जगन ने यह माना है कि सोनिया गाँधी इसके पक्ष में नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों को कांग्रेस पार्टी के निर्देश का पालन करना चाहिए. रोसय्या ने एक खुला पत्र जारी करते हुए कहा कि वो या केंद्रीय नेतृत्व जगन की और से दुखी परिवारों को दिलासा देने के ख़िलाफ़ नहीं हैं बल्कि उनसे केवल इतना कहा गया है कि वो यह काम खामोशी से करें, धूम धड़ाके के साथ यात्रा निकाल कर नहीं करें.

उन्होंने याद दिलाया कि 1997 में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने भी अनंतपुर में उन किसान परिवारों को दिलासा और आर्थिक सहायता दी थी जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी और पार्टी चाहती है कि जगन भी यही शैली अपनाएं. लेकिन मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य पर जगन के समर्थकों ने कड़ी आपत्ति जताई है.

प्रदेश कांग्रेस के सचिव अम्बाती रामबाबू ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह याद रखना चाहिए की वाईएसआर की अचानक मौत के कारण ही उन्हें यह कुर्सी मिली है और उन्हें वाईएसआर के लिए जान देने वाले लोगों को दिलासा देने की विरुद्ध बात नहीं करनी चाहिए. अब देखना ये है कि गुरुवार को जगन की यात्रा शुरू होने पर कितने विधायक और मंत्री उनके साथ खड़े होते हैं और तब पार्टी आलाकमान क्या रुख़ अपनाती है और जगन का राजनीतिक भविष्य क्या दिशा लेता है.

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