अविश्वास की खाई कम करने के लिए है वार्ता: कृष्णा

विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा है कि भारत-पाक वार्ता के लिए हो रही नई कोशिशों के नतीजों पर पहले से किसी निष्कर्ष पर पहुँचना ठीक नहीं होगा.

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस वार्ता का प्राथमिक मकसद दोनों पड़ोसी देशों के बीच अविश्वास की खाई को कम करना है.

एसएम कृष्णा का कहना था, "हम पहले से किसी नतीजे पर न पहुँचे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहल की है. ये विश्वास बहाली के तहत उठाए गए क़दम हैं."

ये बात उन्होंने इस सवाल के जवाब में दी कि क्या आगामी भारत-पाक वार्ता में सर क्रिक के मुद्दे पर भी बात होगी.

भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्री 15 जुलाई को मुलाक़ात कर रहे हैं.

बातचीत का दौर

इससे पहले भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम सार्क देशों के गृह मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान गए थे. वहाँ उन्होंने पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक से मुंबई हमलों समेत कई मुद्दों पर बातचीत की थी.

मनमोहन सिंह और यूसुफ़ रज़ा गिलानी भी अप्रैल में सार्क सम्मेलन के दौरान भूटान में मिले थे जिसके बाद दोनों देशों के बीच करीब नौ महीनों बाद बातचीत का दौर फिर से शुरु हुआ था.

दिल्ली में पत्रकारों ने एसएम कृष्णा से चीन द्वारा काराकोरम के ज़रिए पाकिस्तान तक रेल मार्ग बनाने के बारे में भी सवाल पूछा.

इस पर मंत्री ने जवाब दिया,"हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार प्रधानमंत्री के विशेष दूत बनकर चीन गए थे. मुझे उनसे इस बात पर चर्चा करने का मौका नहीं मिला है लेकिन हम स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं."

शिव शंकर मेनन ने पिछले हफ़्ते चीन का दौरा किया था.

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