कर्फ़्यू का उल्लंघन,पुलिस के साथ झड़प

भारत प्रशासित कश्मीर में पुलिस ने बारामुला और कुपवाड़ा में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े हैं और हवा में गोली चलाई है.

शुक्रवार को नमाज़ अदा करने के बाद हज़ारों लोगों ने पुरानी ईदगाह में मार्च किया.

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और लोगों को अलग-थलग करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया.

ये पता नहीं चल पाया कि इस दौरन कितने लोग घायल हुए. पथराव में घायल हुए सोहेल नाम के व्यक्ति को इलाज के लिए श्रीनगर लाया गया.

घायल व्यक्ति की देखभाल करने वाले शख़्स ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया कि सोहेल गोली लगने के बाद ज़ख़्मी हुए हैं.

श्रीनगर के दक्षिण में बसे कोकपोरा कस्बे में हज़ारों लोगों ने कर्फ़्यू का उल्लंघन किया और बाहर निकल आए. पुलिस ने उन पर आँसू गैस छोड़ी और गोलीबारी की. इस घटना के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिली है.

श्रीनगर में भी कुछ लोग कर्फ़्यू का उल्लंघन कर बाहर आए और पुलिस को उन पर आँसू गैस छोड़नी पड़ी.

घाटी के कई हिस्सों में भारत विरोधी प्रदर्शन हुए हैं.

नहीं मिलेंगे अख़बार

इस बीच राजधानी श्रीनगर में कई अख़बारों के मालिकों और अख़बारों ने सरकारी पाबंदियों को देखते हुए अपने-अपने प्रकाशन निलंबित करने का फ़ैसला किया है.

बुधवार को सरकार ने श्रीनगर में पत्रकारों को दिए गए कर्फ़्यू पास रद्द कर दिए थे. इस कारण उनका शहर में एक से दूसरी जगह जाना नामुमकिन हो गया है.

ज़्यादातर पत्रकार अपने दफ़तरों या घरों में ही सिमट कर रह गए हैं.

बीबीसी ऊर्दू ऑनलाइन के लिए काम करने वाले पत्रकार रियाज़ मसरूर को पुलिस ने पीटा. उनकी एक बाँह में फ़्रैक्चर आया है.

कई अन्य पत्रकारों को पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने अपमानित किया.

श्रीनगर आधारित अख़बारों के संपादकों के प्रवक्ता ने कहा है कि एक दिन के लिए प्रकाशन नहीं निकलेंगे. प्रवक्ता ने कहा कि आगे क्या करना है इस बारे में शनिवार को फ़ैसला लिया जाएगा.

श्रीनगर में मीडियाकर्मियों पर लगाई गई पाबंदियों की कश्मीर के बाहर भी कई पत्रकार संगठनों ने आलोचना की है.

सरकार ने कुछ पत्रकारों को श्रीनगर में नए कर्फ़्यू पास दिए हैं. लेकिन पाँच मीडिया संगठनों के प्रवक्ता ने कहा है कि ये पास केवल संपादकों और पंजीकृत पत्रकारों को ही दिए गए हैं.

प्रवक्ता के मुताबिक जब तक सभी मीडियाकर्मियों को पास नहीं दिए जाते और कर्फ्यू वाले इलाक़ों में अख़बारों के वितरण का प्रबंध नहीं होता तब तक अख़बार प्रकाशन दोबारा शुरु नहीं कर सकते.

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