सोपोर-पुलवामा में फिर कर्फ़्यू

कश्मीरी महिलाएं

भारत प्रशासित कश्मीर में शनिवार सुबह भारत विरोधी प्रदर्शनों के बाद पुलवामा और सोपोर में फिर से कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

इस बीच केंद्रीय मंत्री फ़ारुख़ अब्दुल्ला ने दिल्ली में गृह मंत्री पी चिदंबरम से मुलाक़ात की है और कश्मीर के हालात पर चर्चा की है.

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारुख़ अब्दुल्ला ने राज्य में स्थिति सामान्य करने को लेकर उठाए जा रहे क़दमों पर बातचीत की.

शुक्रवार शाम को कश्मीर घाटी के ज़्यादातर इलाक़ों से कर्फ़्यू हटा लिया गया था. ये कर्फ़्यू मुस्लिम उत्सव मेराज-उल-आलम के कारण हटाया गया है.

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में ये तय किया गया था कि चार दिन से चल रहे कर्फ्यू में रात आठ बजे के बाद से ढील दी जाएगी ताकि लोग हज़रतबल दरगाह जाकर इबादत कर सकें.

पुलिस ने जगह-जगह घोषणा की थी कि लोग शुक्रवार को नमाज़ के लिए जा सकते हैं.

जैसे ही कर्फ़्यू में ढील दी गई, श्रीनगर के कुछ इलाक़ों में युवक एक बार फिर पुलिस अर्धसैनिक बलों के साथ भिड़ गए.

इस भिड़ंत के दौरान पुलिस की कार्रवाई में कम से कम एक व्यक्ति घायल हुआ है.

मीडिया पर पाबंदी हटी

कर्फ़्यू हटाए जाने के बाद श्रीनगर के कई इलाक़ों में खान-पान की दुकानें खुलीं और लोग ज़रुरी सामान ख़रीदने के लिए बाहर निकले. नाई की दुकानों पर देर रात तक हजामत बनवाने वालों की भीड़ लगी रही.

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को श्रीनगर में सर्वदलीय बैठक बुलाई है.इससे पहले रविवार को राज्य में गठबंधन सरकार के विधायकों की भी बैठक होनी है.

प्रशासन ने मीडियाकर्मियों के आने-जाने पर लगी पाबंदियाँ भी हटा ली है और उन्हें नए कर्फ़्यू पास दिए हैं. सरकारी प्रवक्ता ने कहा है कि मीडियाकर्मी अपनी ड्यूटी कर सकते हैं.

मीडियाकर्मियों को कर्फ़्यू पास नहीं दिए जाने के कारण शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन घाटी में अख़बार नहीं छापे गए थे.

आख़िरी बार वर्ष 2008 में ऐसा हुआ था कि अख़बारों का प्रकाशन नहीं हो पाया था.

उस समय अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रदर्शन चल रहे थे. उस दौरान चार दिनों तक प्रकाशन निलंबित रहा था.

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