चुनाव में मतदान पत्रों की वापसी

मतदान पत्र ( फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption भारत में कई नेता वोटींग मशीन पर पूरी तरह भरोसा नहीं करते और इस पर प्रश्न उठा चुके हैं.

भारत में चुनाव में मतदान पत्रों का इस्तेमाल 11 वर्ष पहले ही बंद कर दिया गया था लेकिन अब आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र में 12 विधान सभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव में कम से कम पांच क्षेत्रों में चुनाव आयोग को मतदान पत्र का उपयोग करना पड़ रहा है.

इसकी वजह ये है की इन पांच क्षेत्रों में निर्दलीए उम्मीदवार बहुत बड़ी संख्या में मैदान में उतर आये हैं जबकी एक इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन में केवल 64 उम्मीदवारों के नामों की ही गुंजाइश होती है.

1117 केंद्रो पर मतदान पत्र

सोमवार को नामांकन पत्र वापस लेने का आख़िरी दिन गुज़र जाने के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी ई वी सुब्बा राव ने पत्रकारों से कहा की पांच क्षेत्रों के 1117 मतदान केंद्रों पर मतदान पत्र का इस्तेमाल किया जाएगा.

इन क्षेत्रों में येल्ला रेड्डी(75 प्रत्याशी), कोरुतला(67), सृसिल्ला(78), हुज़ुराबाद(69), और वारंगल वेस्ट(74) शामिल हैं.

जिन सात क्षेत्रों के 1537 केंद्रों में मशीन इस्तेमाल की जाएँगी उनमें निज़ामाबाद अर्बन , धर्मपुरी , वेमुलावादा , सिद्दिपेट , सिरपुर , चेन्नुर और मंचेरिअल हैं.

टीआरएस की 'रणनीति'

असल में यह तेलंगाना राष्ट्र समिति की रणनीति का परिणाम है जिसने मतदान पत्रों के इस्तेमल पर मजबूर करने के लिए बहुत ज़्यादा संख्या में निर्दलियों को मैदान में उतारा था.

उसको संदेह है की वोटिंग मशीनों के ज़रिए चुनावी परिक्रिया ईमानदारी से पूरी नहीं की जाती और उसमें उलट फेर किया जा सकता है.

मुख्य विपक्षी दल तेलुगु देसम ने भी 2009 के चुनाव में हार के बाद से ही ये मांग उठाई है और उसका कहना है की इस विषय पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए.

12 क्षेत्रों के उपचुनाव में मुख्य रुप से तेलंगाना राष्ट्र समिति, कांग्रेस और तेलुगु देसम के बीच टक्कर हो रही है.

इन क्षेत्रों के विधायकों ने तेलंगाना राज्य के पक्ष में दबाव डालने के लिए त्याग पात्र दे दिया था. टीआरएस ने इन सभी को दोबारा खड़ा किया है. बीजेपी ने भी अपने एक विधायक को दोबारा खड़ा किया है.

दिलचस्प मुक़ाबला निज़ामाबाद में बीजेपी के लक्ष्मिनारयाना और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डी श्रीनिवास के बीच हो रहा है और बीजेपी को टीआरएस का समर्थन प्राप्त है.

येल्ला रेड्डी में कांग्रेस ने भूतपूर्व मंत्री मोहम्मद अली शब्बीर को खड़ा किया है. वो पिछला चुनाव हार गए थे.

सृसिल्ला से टीआरएस अध्यक्ष चन्द्रशेखर राव के पुत्र रामा राव और सिद्दिपेट से उनके भांजे हरीश राव चुनाव लड़ रहे हैं.

तेलंगाना राज्य के लिए कड़ी भावनाओं को देखते हुए ऐसा लगता है की टीआरएस अधिकतर सीटों पर अपना क़ब्ज़ा बनाए रखेगी. मतदान 27 जुलाई को होने वाला है.

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