भारत अफ़्रीका से भी पिछड़ा?

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2028 IST - राजेश जोशी सभी श्रोताओं का शुक्रिया कर कार्यक्रम को समाप्त करते हैं

2027 IST -  देवरिया से लाल बताते हैं कि सरकार की वितरण प्रणाली सही नहीं है

2026 IST - सुल्तानपुर से पवन कुमार - गरीब खुद आगे नहीं आना चाहते हैं

2024 IST - सीकर से चौबे कहते हैं कि गरीबी को मापने के पैमाने अलग हैं इसलिए ये रिपोर्ट शायद सही ना हो

2023 IST - मधुबनी से नीता - ऐसा नहीं है, इतनी धांधली है, मुख्यमंत्री नीतिश हो या राबड़ी, सब झूठे हैं

2022 IST - राजेश पूछते हैं कि आईपीएल और कॉमनवेल्थ को देखकर गर्व महसूस नहीं करते हैं क्या?

2021 IST - मधुबनी से नीता - गरीबी भी ज़्यादा है, आबादी ज़्यादा, कर्ज़ ज़्यादा

2020 IST - स्टूडियो में आए जवाहर सिंह - शहर में भी आपकी सुविधाएं आपके इलाके पर निर्भर करती हैं

2018 IST - मिर्ज़ापुर से गुप्ता कहते हैं कि उनके इलाके में ना बिजली है, ना सड़क, ना स्कूल, ऐसे में क्या विकास

2017 IST - मधुबनी से फरहद - दिल्ली में बैठे राजनेता बिहार की सच्चाई नहीं जानते, एक शेर कहती हैं 

2016 IST - अंजु - कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े आयोजन ज़मीनी हकीकत नहीं बदल सकते

2015 IST - बारमेड़ से अंजु - प्रगति आम लोगों को ध्यान में रखकर नहीं की जा रही

2014 IST -  बुदेलखंड से कीर्ति सिंह - सरकारी दावे गलत हैं, बिजली, शिक्षा, आरक्षण कुछ लागू नहीं हुआ है 

2013 IST - स्टूडियो में आए जवाहर सिंह बताते हैं शहरों में झुग्गियों में रहनेवालों की हालत भी बहुत बुरी है

2012 IST - किशोर - तरक्की सिर्फ शहरों में हैं, गांव का हाल पहुत बुरा है

2010 IST - झारखंड से किशोर कुमार भी मानते हैं कि तरक्की करनेवाले भारत की बात उन्हें समझ नहीं आती

2009 IST -  नवल - यहां बहुत ज़्यादा गरीबी है, इसका कोई मुकाबला नहीं है

2008 IST - नवल - जिस रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है उसे भारत की स्थिति पर लागू नहीं किया जा सकता

2007 IST - इस पर आगे बात करने का वायदा कर राजेश हल्दवानी से नवल जोशी से बात करते हैं

2006 IST - जवाहर - कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए आए मज़दूरों का बुरा हाल है 

2005 IST - स्टूडियो में आए जवाहर सिंह बताते हैं कि उनका मंच झुग्गियों में रहनेवालों के हक की लड़ाई लड़ रहा है

2004 IST - बिहार से विश्वजीत कहते हैं कि गरीबी बहुत हैं और सरकार को नरेगा जैसी योजनाएं चलानी चाहिएं

2003 IST - राजस्थान से झाखड़ कहते हैं कि वो मानते हैं कि भारत अफ्रीका से गरीब नहीं है 

2001 IST - दिल्ली झुग्गी झोपड़ी संघ के मुखिया स्टूडियो में हैं

2000 IST - कार्यक्रम शुरू हो चुका है

1952 IST - कुछ ही देर में लाइव बहस शुरु होगी. रेडियो कार्यक्रम का हिस्सा बनें - मुफ़्त फ़ोन करें 1800 11 7000 या 1800 102 7001 पर

1944 IST -  दरअसल एक अध्ययन के अनुसार भारत के आठ राज्यों में 42 करोड़ ग़रीब हैं और अफ़्रीका के 26 निर्धनतम देशों में 41 करोड़ ग़रीब हैं.

1942 IST - बीबीसी इंडिया के लाइव टेक्स्ट में बहस का मुद्दा है कि क्या भारत अफ़्रीका से भी पिछड़ा हुआ है?

1940 IST -  बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लाइव टेक्स्ट में आपका स्वागत है.

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