बीसीसीआई बैठक में मोदी नदारद

ललित मोदी
Image caption अनुशासन समिति की बैठक में ललित मोदी की ओर से उनके वकीलों ने पक्ष रखा

ललित मोदी पर लगे आरोपों की छानबीन के लिए बनी तीन-सदस्यीय अनुशासन समिति की शुक्रवार को पहली बैठक में मोदी ख़ुद नहीं आए, लेकिन उनकी ओर से उनके वकीलों ने मोर्चा संभाला.

ललित मोदी ने अपने वकील मेहमूद आबदी के माध्यम से एक पत्र में बीसीसीआई को बताया कि वो अभी कुछ कारणों से देश के बाहर हैं और उनकी जगह उनके वकील उनका प्रतिनिधित्व करेंगे.

बीसीसीआई ने कहा, "ये जाँच नियमों के अनुसार की जा रही है और इससे पहले अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ़ कोई जाँच हुई है तो ज़रूरी होता है कि वो व्यक्ति खुद हाज़िर रहे." बीसीसीआई ने कहा कि वकीलों की ओर से आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते.

ललित मोदी की ओर से हाज़िर वकीलों - वेंकटेश धोंद, मेहमूद आबदी और उनके साथियों की ने कहा कि ललित मोदी के खिलाफ़ आरोप बहुत गंभीर हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में कई कानूनी दस्तावेज़ मौजूद हैं और उनकी व्याख्या करना बेहद जटिल काम होगा.

बीसीसीआई के मुताबिक वेंकटेश धोंद ने कहा कि ख़ुद अनुशासन समिति में शामिल एक व्यक्ति वकील है. बीसीसीआई के मुताबिक इस बारे में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी से बातचीत हुई और उन्होंने इस बात का फ़ैसला अनुशासन समिति पर छोड़ दिया.

मोदी का पक्ष रखेगा एक वकील

बीसीसीआई के मुताबिक उन्हें वेंकटेश धोंद की बात में दम नज़र आया क्योंकि जाँच के नतीजे आरोपित व्यक्ति की प्रतिष्ठा पर असर डालते हैं. बीसीसीआई के मुताबिक इन सब बातों पर सोच विचार के बाद उन्होंने सोचा कि ये सही होगा कि ललित मोदी का पक्ष एक वकील की ओर से रखा जाए.

मोदी के वकीलों से जब पूछा गया कि इस प्रक्रिया के दौरान हो सकता है कि अनुशासन समिति उनके मुवक्किल से पूछताछ करना चाहे, तो क्या वो खुद हाज़िर होंगे?

इस पर मोदी के वकीलों ने बीसीसीआई को बताया कि वो इस बात की जानकारी अगली बैठक में देंगे जो 27 जुलाई को दिल्ली के ताज होटल में होगी.

बीसीसीआई के मुताबिक चूंकि ललित मोदी का प्रतिनिधित्व एक वकील करेंगे, इसलिए बीसीसीआई का पक्ष भी एक वकील ही रखेंगे.

बीसीसीआई को ओर से कहा गया कि ललित मोदी के वकील वेंकटेश धोंद ने समिति के सदस्यों को बदले जाने के मामले में भी बातें सुनी हैं और इसे प्रतिक्रिया के लिए बीसीसीआई के पास भेज दिया गया है.

ललित मोदी बीसीसीआई के कुछ लोगों पर पक्षपात का आरोप लगाते रहे हैं. इस बारे में धोंद अतिरिक्त दलीलें 18 जुलाई के पहले दे सकते हैं.

उधर ललित मोदी के वकील मेहमूद आबदी ने मीडिया को बताया कि बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और दोनों ही पक्षों ने फ़ैसला किया है कि बैठकों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी बैठक की जानकारी बीसीसीआई की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएं.

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