ऐन वक़्त पर पेशी से पलटे अमित शाह

  • 23 जुलाई 2010
सोहराबुद्दीन शेख़
Image caption सोहराबुद्दीन शेख़ वर्ष 2005 में मारे गए थे

सोहराबुद्दीन मामले में आज सीबीआई के सामने पेश होने की घोषणा कर चुके गुजरात के गृह राज्य मंत्री अमित शाह ने ऐन वक़्त पर पलटा खाया है.

अब उन्होंने अपने वकील अमितेश अमीन के माध्यम से सीबीआई के सामने पेश होने के लिए और समय मांगा है. सीबीआई अधिकारियों से मिलने आए उनके वकील ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि ये मामला बहुत पुराना है और सीबीआई ने उन्हें काफ़ी कम समय दिया है.

उन्होंने कहा कि वे सीबीआई के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं. लेकिन अमित शाह को और समय चाहिए, क्योंकि गुजरात के गृह राज्य मंत्री होने के नाते वे काफ़ी व्यस्त हैं.

अमितेश अमीन ने कहा, "हम चाहते हैं कि सीबीआई प्रश्नों की सूची दे ताकि अमित शाह जवाबों के साथ तैयार रहें. हम संविधान के दायरे में सहयोग के लिए तैयार हैं." उन्होंने सीबीआई पर राजनीतिक दबाव का आरोप भी लगाया.

अमहादाबाद से वरिष्ठ पत्रकार अजय उमठ का कहना है कि लगता नहीं कि सीबीआई इस मामले में अमित शाह को कोई ढील देने वाली है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम तक सीबीआई एक और समन जारी कर सकती है.

वर्ष 2005 में सोहराबुद्दीन शेख़ मारे गए थे. उस समय ये दावा किया गया था कि सोहराबुद्दीन शेख़ गुजरात और राजस्थान पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में मारे गए थे.

आरोप ये भी है कि सोहराबुद्दीन शेख़ के अलावा उनकी पत्नी कौसर बी और तुलसी प्रजापति को एक बस स्टैंड से अगवा किया गया था.

आरोप है कि कौसर बी को भी मार दिया गया है, लेकिन उनका शव तो अब भी बरामद नहीं हुआ है. एक साल बाद तुलसी प्रजापति भी कथित फ़र्जी मुठभेड़ में मारे गए.

दावा

बाद में कई जाँच से यह बात सामने आई कि सोहराबुद्दीन शेख़ को फ़र्जी मुठभेड़ में मारा गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस साल के शुरू में इस मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी थी.

Image caption अमित शाह का फ़िलहाल कोई अता-पता नहीं है

सीबीआई का दावा है कि उसके पास अमित शाह के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत हैं. इस मामले की जाँच कर रहे सीबीआई अधिकारी पी कंडास्वामी ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा था, "सोहराबुद्दीन शेख़ मामले की जाँच के दौरान हमारे पास अमित शाह के ख़िलाफ़ कुछ सूचनाएँ आईं. हम फ़र्जी मुठभेड़ के मामले में उनसे पूछताछ करना चाहते हैं."

दूसरी ओर एक बयान जारी करके अमित शाह ने कहा है कि उन्होंने कुछ भी ग़लत नहीं किया है. अमित शाह ने कहा है कि उन्हें जिस तरह जल्दबाज़ी में नोटिस जारी किया गया है, उससे यही शक़ होता है कि इसमें राजनीतिक दखलंदाज़ी है.

आरोप है कि गृह राज्य मंत्री अमित शाह उन दाग़ी पुलिस अधिकारियों के साथ संपर्क में थे, जिन पर सोहराबुद्दीन को फ़र्जी मुठभेड़ में मारने का आरोप है.

इनमें से कई अधिकारी इस समय जेल में बंद हैं. इनमें प्रमुख हैं अभय चूडासमा, डीजी वंज़ारा और राजकुमार पांडियन.

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