हंगामेदार रहेगा मानसून सत्र

संसद

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरु हो रहा है. इस सत्र के काफ़ी हंगामेदार होने के आसार दिखाई दे रहे हैं.

विपक्षी पार्टियां महंगाई सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरने का मन बना रही हैं.

महंगाई के अलावा पेट्रोलियम पदार्थों में बढ़ोत्तरी, नक्सली हमले, भोपाल गैस त्रासदी, जम्मू कश्मीर में क़ानून व्यवस्था की स्थिति और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियां, भारत-पाकिस्तान में हुई बातचीत ऐसे मुद्दे हैं जिन पर विपक्ष सरकार को घेरेगी.

भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज का कहना है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में बढ़ोतरी, मंहगाई, भोपाल गैस त्रासदी का मामला, राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी और भारत-पाकिस्तान ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सारे विपक्षी दल एक हैं.

भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत और इससे जुड़ा विवाद भी भाजपा के लिए एक अहम मुद्दा है.

इस पर चर्चा के लिए एनडीए की एक बैठक 26 जुलाई को बुलाई गई है.

वामदलों का ज़ोर महंगाई पर

उधर वामपंथी दलों ने सत्र के दौरान महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाने का फ़ैसला किया है.

सीपीएम के महासचिव प्रकाश करात का कहना था, "वामपंथी दलों ने और कई अन्य विपक्षी दलों ने महंगाई के ख़िलाफ हड़ताल की थी जो काफ़ी सफल रहा था.यहीं हमारा मुख्य मुद्दा होगा."

"इसके अलावा हम ये चाहेंगे कि सरकार परमाणु उत्तरदायित्व बिल पर आगे न बढ़े. फिलहाल ये स्टैंडिंग कमेटी के समक्ष है और हम इसके मौजूदा स्वरुप को लेकर सहमत नहीं हैं."

जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर भी संसद में हंगामा होने के संकेत हैं.

जदयू, राजद, सपा और लोजपा जाति को जनगणना में शामिल करने की वकालत करती रही हैं. हालांकि पिछली बार प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया था कि मंत्रिमंडल इस पर कोई फ़ैसला करेगा लेकिन सरकार अब तक इस पर कोई फ़ैसला नहीं कर सकी है.

आसार हैं कि ये दल एक बार फिर इस मुद्दे पर हंगामा करेंगे.

'सरकार है तैयार'

कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि सरकार इस सत्र के लिए तैयार है.

उनका कहना है, "हम चाहेंगे की विपक्ष संसद की कार्यवाही अवरुद्द न करें और लोकतांत्रिक तरीक़े से अपनी बात सदन में रखे."

वहीं सत्ता पक्ष भी बिहार में कथित घोटाले और कर्नाटक में अवैध खनन का मुद्दा उठाकर विपक्ष को जवाब देने की कोशिश करेगा.

हाल ही में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हाल ही में गठबंधन के साझेदार दलों से सलाह-मशिवरा किया था.

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