अमित शाह से पूछताछ की अनुमति

सोहराबु्द्दीन शेख और कौसर बी
Image caption सोहराबु्द्दीन शेख वर्ष 2005 में फ़र्जी मुठभेड़ में मारे गए

सोहराबुद्दीन शेख़ फ़र्जी मुठभेड़ मामले में गिरफ़्तार गुजरात के पूर्व मंत्री अमित शाह से सीबीआई 28, 29 और 30 जुलाई को पूछताछ करेगी. सीबीआई ने अदालत से पूछताछ के लिए आवेदन किया था.

अमित शाह इस समय न्यायिक हिरास में हैं. इस बीच अमित शाह ने ज़मानत के लिए सीबीआई की विशेष अदालत में अर्ज़ी दी है. सुनवाई दो अगस्त को होगी.

रविवार को सीबीआई की एक अदालत ने अमित शाह को 13 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. सीबीआई ने अमित शाह से पूछताछ के लिए कोर्ट में अपील की है.

सीबीआई ने इस शुक्रवार को शाह के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाखिल किया था जिसमें उन पर हत्या का आरोप लगा है.

अदालत में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी शाह के वकील को अपना सहयोग देंगे.

सोहराबुद्दीन शेख 2005 में मारे गए थे और दावा किया गया था कि वो गुजरात और राजस्थान पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए. आरोप है कि इसके बाद उनकी पत्नी कौसर बी और मामले के एक प्रत्यक्षदर्शी तुलसी प्रजापति को एक बस स्टैंड से अगवा किया गया था.

कौसर बी का अब तक कोई अता-पता नहीं है जबकि प्रजापति के बारे में कहा गया कि वो एक मुठभेड़ में मारे गए.

बाद में कई जाँच से यह बात सामने आई कि सोहराबुद्दीन शेख़ को फ़र्जी मुठभेड़ में मारा गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस साल के शुरू में इस मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी थी.

सीबीआई का दावा है कि उसके पास अमित शाह के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत हैं.

सरकारी गवाह

उधर गुजरात के पूर्व पुलिस उपाधीक्षक एनके अमीन ने फ़र्जी मुठभेड़ मामले में सरकारी गवाह बनने के लिए अर्ज़ी दी है. एनके अमीन ख़ुद इस मामले में एक अभियुक्त हैं और जेल में बंद हैं.

Image caption अमित शाह ने ज़मानत याचिका दाख़िल की

गुजरात पुलिस की अपराध शाखा में अधिकारी रहे एनके अमीन के वकील जगदीश रमानी ने अमीन की अर्ज़ी के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी है. उन्होंने बताया, "हम सोहराबुद्दीन मामले में अमीन के सरकारी गवाह बनने के बारे में सीबीआई अदालत में आवेदन दाख़िल कर रहे हैं. "

सोहराबु्द्दीन माममे में एनके अमीन अभी जेल में हैं. उन्हें वर्ष 2007 में गिरफ़्तार किया गया था. एनके अमीन पर सोहराबुद्दीन शेख़ और उनकी पत्नी कौसर बी को अगवा करने का आरोप है.

इसके अलावा सीबीआई ने दो अवकाश प्राप्त पुलिस अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है, जिन्होंने सोहराबुद्दीन मुठभेड़ की जाँच की थी. जीसी रायगर और ओपी माथुर राज्य सीआईडी के प्रमुख रहे हैं.

माना जा रहा है कि अमीन का सरकारी गवाह बनने के लिए अर्ज़ी देना पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह की मुश्किल बढ़ा सकता है.

आरोप है कि गृह राज्य मंत्री अमित शाह उन दाग़ी पुलिस अधिकारियों के साथ संपर्क में थे, जिन पर सोहराबुद्दीन को फ़र्जी मुठभेड़ में मारने का आरोप है.

इनमें से कई अधिकारी इस समय जेल में बंद हैं.

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