बारिश से कमियों का पता चला: कलमाड़ी

  • 27 जुलाई 2010
सुरेश कलमाडी
Image caption राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी चिंतित नहीं है.

राष्ट्रमंडल खेल के लिए तैयार किए गए यमुना स्पोर्टस कॉम्प्लैक्स की छत का हिस्सा पहली ही बारिश मे ही गिर जाने से राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी चिंतित नहीं हैं.

सुरेश कलमाड़ी ने बीबीसी से विशेष बातचीत में कहा,"अच्छा है बारिश आ गई, ये भी टेस्ट ईवेंट की तरह है. जहाँ-जहाँ कमज़ोरी है वो पहले ही पता चल गई. खेले के दौरान ये होता तो ये ग़लत होता. अभी तो हमारे पास इसे ठीक करने के लिए पर्याप्त समय है."

राष्ट्रमंडल खेल शुरु होने में कुछ ही दिन बाकी है और अब भी तैयारियाँ पूरी नहीं हो पाई है.

राष्ट्रमंडल खेलों का खर्च कई गुना बढ़ जाने पर भी सुरेश कलमाड़ी ने आयोजन समिति का बचाव किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के आधारभूत ढांचे के विकास में हुए खर्च को राष्ट्रमंडल खेलों के खर्च में शामिल किया जाना ग़लत है.

सुरेश कलमाड़ी का कहना था,"मेट्रो, हवाईअड्डे का आधुनिकरण, सड़क और पुल निर्माण दिल्ली के लिए हैं, न कि 15 दिन के खेल आयोजन के लिए. इन खेलों के आयोजन के साथ ही शहर का विकास 10 से 15 साल आगे बढ़ जाता है."

उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि आयोजन खर्च में बढोतरी हुई है.

चुनौतियाँ

सुरेश कलमाड़ी कहते है, "खर्च हर आयोजन में बढ़ता है चाहे वो विश्व के किसी भी हिस्से में हो. हम श्रेष्ठ राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन करना चाहते है, जिसके लिए खर्च बढ़ना स्वाभाविक है."

वो कहते है, "राष्ट्रमंडल खेल आयोजन का खर्च दो हज़ार करोड़ रुपए है, जिसे हम टीवी अधिकारों से मिलने वाली राशि, प्रायोजकों से मिलने वाली राशि और टिकटों का बिक्री से मिलने वाली राशि से वसूल कर सरकार को लौटा देंगे. हम उम्मीद करते है कि हम ये लक्ष्य हासिल कर लेंगे."

आयोजन समिति के सामने आयोजन के लिए तैयारियाँ सुनिश्चित करना ही इकलौती चुनौती नहीं है.

राष्ट्रमडंल खेलों में दिग्गज़ खिलाड़ियों की भागीदारी सुनश्चित करना भी एक बड़ी चुनौती है. कई दिग्गज़ खिलाडी दिल्ली के राष्ट्रमंडल खेलों में आने से इनकार कर चुके हैं.

सुरेश कलमाड़ी कहते है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा और इन खेलों के दौरान नए खिलाड़ी सामने आएँगे.

सुरेश कलमाड़ी कहते है,"जो खिलाड़ी नहीं आएँगे वो खेलों का असल मज़ा खो देंगे, भारत की मेहमाननवाज़ी को खो देंगे. मुझे नहीं लगता कि हमारा कोई नुक़सान है, नुक़सान तो उनका है."

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