'पाकिस्तान और प्रयास करे'

कैमरन और मनमोहन सिंह
Image caption दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की है.

ब्रिटेन और भारत के प्रधानमंत्रियों का कहना है कि पाकिस्तान को आतंकवाद से निपटने के लिए और प्रयास करने की ज़रुरत है.

भारत की यात्रा पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने भारत के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है लेकिन पाकिस्तान को अभी और प्रयास करना चाहिए.

कैमरन का कहना था, ‘‘मैं स्पष्ट बात करता हूं. मुंबई, लंदन, अफ़गानिस्तान में जो हो रहा है और पाकिस्तान में जो रहा है वो सबके सामने है. आतंकवाद के कारण पाकिस्तान को भी नुकसान हो रहा है. हम उनकी सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और वहां सक्रिय गुटों को समाप्त करने की ज़रुरत है.’’

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना था, ‘’11 सितंबर की घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद की समस्या की गंभीरता का पता चला है. हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान ने हमसे बार बार किया हुआ वादा पूरा करेगा कि वो अपनी ज़मीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा और अफ़गानिस्तान में भी आंतकवादी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देगा.’’

कैमरन अगले हफ़्ते पाकिस्तान की यात्रा पर भी जाने वाले हैं. उनका कहना था, ‘‘ मैं अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान भी पाकिस्तान के राष्ट्रपति से मिलूंगा तो इस विषय पर चर्चा करुंगा. पाकिस्तान को ज़रुरत है कि आंतकवाद को ख़त्म करे.’’

कैमरन एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत की यात्रा पर थे. उन्होंने बंगलौर का भी दौरा किया और कहा कि वो व्यापार, संस्कृति जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से आए थे और वो यात्रा की सफलता से प्रसन्न हैं.

भारतीय प्रधानमंत्री का कहना था कि ब्रिटेन भी इस बात समझता है कि आतंकवाद सभी का संयुक्त दुश्मन है और इस क्षेत्र में भी सहयोग की ज़रुरत पर दोनों पक्ष सहमत हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पत्रकार वार्ता में एक बयान जारी करके बताया कि दोनों पक्षों के बीच व्यापार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, शिक्षा, रक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर चर्चा हुई.

बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने भारत-यूके सीईओ फोरम और इंडिया-यूके इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप बनाने का भी फै़सला किया है. दोनों पक्ष अगले पांच वर्षों में व्यापार को दुगुना करने पर सहमत हुए हैं और साथ ही यूके-इंडिया शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी संपर्क बढ़ाने पर रज़ामंदी हुई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ब्रिटेन बेहतर दुनिया बनाने के लिए एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं.

मनमोहन सिंह का कहना था कि दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और अफ़गानिस्तान के मामलों पर भी चर्चा की है.

संबंधित समाचार