अच्छी बरसात की भविष्यवाणी

  • 29 जुलाई 2010
जयपुर का जंतर-मंतर

भारत में मौसम वैज्ञानिक आधुनिक उपकरणों के सहारे मौसम और मानसून की भविष्यवाणी करते हैं लेकिन जयपुर के ज्योतिषी आज भी बारिश की थाह लेने के लिए जंतर-मंतर का सहारा लेते है.

यहाँ के ज्योतिषियों ने इस बार 26 जुलाई को जंतर-मंतर पर हवा का रुख देखा और फिर अच्छी बरसात की घोषणा की.

उनका कहना है कि इस बार अच्छी बारिश होगी और फसल भी अच्छी होगी.

हवा का रुख़

जयपुर के ज्योतिषी पूर्णिमा पर प्राचीन जंतर-मंतर पर जमा हुए. देवी-देवताओं की आराधना की और मंत्रोचार कर वायु परीक्षण किया.

इसमें यह पाया गया कि सुवर्षा का योग है. ज्योतिषी और वेद विज्ञानी एक पताका लेकर जंतर-मंतर में स्थित 144 फ़ुट ऊँचे यंत्र पर चढ़े और पताका लहराकर हवा का रुख भांपा.

जंतर-मंतर के अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा ने बीबीसी को बताया कि इस बार अच्छी बारिश का योग है.

इन विद्वानों के कहा कि वायु का पश्चिम से पूर्व की तरफ प्रवाहित होना अच्छी बारिश का संकेत है. वायु परीक्षण के दौरान चौबीस योग बारिश पक्ष में थे जबकि तीन योग इसकी हिमायत नहीं कर रहे थे.

इन विद्वानों के आकलन के मुताबिक छह से 13 अगस्त के बीच भारी बरसात का योग है.

ग्लोबल वार्मिंग का असर

जयपुर के संस्कृत विश्वविद्यालय में ज्योतिष विभाग के प्रमुख विनोद शर्मा ने बीबीसी से कहा,'' हम शगुन का भी सहारा लेते है. वायु परीक्षण के दौरान बारिश का होना और कोयल की कूक यह बताती है कि ِअच्छी बरसात होगी.''

Image caption ज्योतिषियों के मुताबिक़ छह से 13 अगस्त के बीच अच्छी बरसात होगी.

विनोद शर्मा कहते है, ''समय के साथ मौसम की गणना में अंतर आया है. कुछ ग्लोबल वार्मिंग का भी प्रभाव है. ध्रुव तारे में दो सदी में दो कला का अंतर आया है. फिर ऊँची इमारतों से भी हवा का रुख भांपने में दिक्कत आती है,

वहीं जंतर-मंतर के अधीक्षक ओमप्रकाश कहते हैं कि ऊँची इमारतों से कोई परेशानी नहीं है. क्योंकि हमारे पास वायु परीक्षण के लिए 144 फुट की ऊँचाई है. इस वेधशाला का निर्माण सन् 1728 में जयपुर के तत्कालीन राजा सवाई जय सिंह ने करवाया था.

ऐसी ही वेधशाला दिल्ली, उज्जैन, मथुरा और वाराणसी में भी बनवाई गई थी.लेकिन जयपुर के जंतर-मंतर को सबसे बड़ा और प्रमुख माना जाता है.

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