शिव सेना का गुस्सा दूध पर निकला

बाल ठाकरे
Image caption शिवसैनिकों ने सड़कों पर हज़ारों टन दूध बहाया

दक्षिणपंथी शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को महाराष्ट्र के सतारा ज़िले में हज़ारों लीटर दूध बहाया. ये दूध राज्य सरकार के फ़ैसले के विरोध में बहाया गया.

राज्य सरकार ने विदेशों से संसाधित दूध का पाउडर आयात करने का फ़ैसला किया था.

शिवसेना के कार्यकर्ता रोष में आकर सड़कों पर उतर आए और ट्रैफ़िक को रोक दिया. उन्होंने सड़कों पर चल रहे दूध के कई टैंकरों को रास्ते पर ही ख़ाली करना शुरु कर दिया.

इस प्रदर्शन को देख रहे वहां मौजूद आम लोगों के अनुसार लगभग 50 हज़ार लीटर दूध बहाया गया है जिसकी क़ीमत लाखों में रही होगी.

सरकार से नाराज़गी

सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार के इस नए फ़ैसले से लोकल दुग्ध व्यापार पर असर पड़ेगा जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है.

शिवसेना नेता शंकर गोडसे ने कहा, "ये बेहद चौंकाने वाली बात है कि महाराष्ट्र सरकार 30 हज़ार टन दूध का पाउडर आयात करती है जबकि दूध सिर्फ़ पांच रुपए प्रति लीटर के दाम पर ख़रीदा जाता है. सरकार के इस फ़ैसले से लोकल डेरी और पशुधन मालिकों के व्यापार को गहरा झटका लगा है.हम इस अन्याय का विरोध करते हैं."

शंकर गोडसे ने कहा कि शिव सेना और लोकल डेरी संस्थाएं मिलकर उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले दूध का विरोध करेंगी. ये विरोध जारी रहेगा अगर राज्य और केंद्र सरकारों ने 24 जुलाई तक कोई भरोसेमंद कदम नहीं उठाया.

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