गोलीबारी में मरने वालों की संख्या चार हुई

  • 30 जुलाई 2010

भारत प्रशासित कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के निकट प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है.

पूरी कश्मीर घाटी में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई में कम से कम 80 नागरिक घायल हो गए हैं.

पिछले छह सप्ताह के दौरान पुलिस और सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प में 19 लोग मारे गए हैं, जिनमें से ज़्यादातर युवक हैं. बुधवार को जम्मू-कश्मीर सरकार ने इन मौतों की जाँच के लिए एक आयोग का गठन किया है.

शुक्रवार को राजधानी श्रीनगर के उत्तर में स्थित सोपौर में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाई. जिनमें तीन लोगों की मौत हो गई.

प्रदर्शन

पूरी कश्मीर घाटी में शुक्रवार को भारत विरोधी प्रदर्शन हुए. कई स्थान पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस के गोले भी छोड़े.

पुलिस का कहना है कि उन पर पथराव किया गया, जिसके बाद ही उन्होंने गोलियाँ चलाई. ज़्यादातर मौक़ों पर ऐसा देखा गया है कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान शरीर के ऊपरी हिस्सों को निशाना बनाते हैं, जिससे लोगों की मौत होती है.

जून के मध्य से ही पुलिस की गोलीबारी में हुई कई मौतों के कारण कश्मीर घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त है. अलगाववादी गुटों के आह्वान पर पिछले एक महीने से कश्मीर घाटी में बंद है. बड़ी संख्या में व्यवसायी बंद का समर्थन कर रहे हैं.

उनका कहना है कि पुलिस की गोलीबारी में युवकों की हो रही मौतों के बाद उन्हें अपने व्यापारिक घाटे की परवाह नहीं.

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