श्रीनगर सहित कई जगह कर्फ़्यू

कर्फ्यू
Image caption एक महीने से भी अधिक समय से कश्मीर में जनजीवन सामान्य नहीं है

शुक्रवार को पुलिस गोलीबारी में चार लोगों के मारे जाने और बहुत से लोगों के घायल होने के बाद भारत प्रशासित कश्मीर में श्रीनगर सहित लगभग सभी शहरों और क़स्बों में शनिवार के लिए कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

अलगाववादी संगठनों के आह्वान पर हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार को घाटी में कई जगह प्रदर्शन हिंसक हो गए थे और कई जगह पुलिस को गोली चलानी पड़ी थी.

सोपोर और पलहालन में गोली से चार लोगों की मौत हुई है जबकि पूरी घाटी में क़रीब सौ लोग घायल हुए हैं. बताया गया है कि घायलों में से 20 को तो गोली लगी है.

इनमें से कम से कम दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है.

हिंसक प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को श्रीनगर, सोपोर और पलहालन में उग्र प्रदर्शन किए.

पलहालन में प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस स्टेशन को आग लगा दी. इसके बाद पुलिस ने फ़ायरिंग शुरु कर दी जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दस अन्य घायल हो गए.

Image caption घाटी में प्रदर्शनकारी सुरक्षाबलों पर पथराव करते हैं

सोपोर सहित घाटी के कई अन्य हिस्सों से हिंसक प्रदर्शनों की ख़बरें आई हैं.

इसके बाद प्रशासन ने श्रीनगर और सोपोर सहित भारत प्रशासित कश्मीर के अधिकांश शहरों और क़स्बों में शनिवार को कर्फ़्यू लगाने की घोषणा की है.

पिछले छह सप्ताह के दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प में 19 लोग मारे गए हैं, जिनमें से ज़्यादातर युवक हैं.

बुधवार को जम्मू-कश्मीर सरकार ने इन मौतों की जाँच के लिए एक आयोग का गठन किया है.

जून के मध्य से ही पुलिस की गोलीबारी में हुई कई मौतों के कारण कश्मीर घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त है.

इस दौरान कभी अलगाववादी गुटों के आह्वान पर हुए बंद की वजह से तो कभी कर्फ़्यू की वजह से जनजीवन अस्तव्यस्त है.

पिछले एक हफ़्ते से स्थिति कुछ संभलती हुई दिखाई दे रही थी लेकिन शुक्रवार को एकाएक स्थिति फिर बिगड़ गई.

कश्मीर विश्वविद्यालय में समाज विज्ञान विभाग के प्रमुख नूर अहमद बाबा का कहना है, "कर्फ़्यू लागू करना सरकार का पलायनवाद है."

उनका कहना है कि भारत सरकार को इस समस्या से निपटने के लिए जल्दी ही कोई राजनीतिक पहल करनी चाहिए.

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