मणिपुर की फिर से नाकेबंदी की धमकी

Image caption पिछली नाकेबंदी के बाद मणिपुर में पेट्रॉल और डीज़ल की भारी कमी हो गई थी.

कुछ नगा संगठनों ने अपनी मांगें नहीं पूरी किए जाने के विरोध में एक बार फिर से मणिपुर जानेवाली सड़कों की नाकेबंदी करने की धमकी दी है.

यूनाइटेड नगा काउंसिल के प्रमुख सैमसन रेमी ने बीबीसी को बताया कि बुधवार से शुरू होनेवाली ये नाकेबंदी 20 दिनों तक चलेगी.

इसके तहत उन दोनों राजमार्गों पर आवाजाही रोक दी जाएगी जो मणिपुर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती हैं.

रेमी का कहना था, “भारत सरकार ने हमारी मांगे पूरी नहीं की हैं इसलिए हमें ये नाकेबंदी फिर से शुरू करनी पड़ रही है.”

नगा गुटों की ओर से पिछली नाकेबंदी खत्म करने से पहले सरकार के सामने चार मांगे रखी गई थीं.

इनमें छह मई को नगा प्रदर्शनकारियों पर मणिपुर पुलिस की गोलीबारी में हुई दो मौतों की न्यायिक जांच, स्वायत्त ज़िला परिषदों को खारिज करने, मणिपुर के नगा बहुल इलाकों से निषेधाज्ञा और सुरक्षा बलों को हटाने और पिछली नाकेबंदी के दौरान वांटेड लिस्ट में शामिल किए गए नगा नेताओं को सूची से बाहर करने की मांग है.

इन मांगों पर न तो भारत सरकार और न ही मणिपुर सरकार की ओर से कोई जवाब आया है.

पिछली बार 68 दिनों तक चली नाकेबंदी में मणिपुर को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा था.

चावल, पेट्रॉल, डीज़ल, रसोई गैस और दवाओं की भी भारी कमी हो गई थी.

ये नाकेबंदी 18 जून को हटी थी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नगा नेताओं से मुलाक़ात की थी.

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