हीरानंदानी भाइयों के खिलाफ़ एलर्ट

  • 4 अगस्त 2010
Image caption हीरानंदानी ग्रुप मुंबई की एक बड़ी रियल एस्टेट कंपनी है

सीबीआई का कहना है कि उसने मुंबई की एक बड़ी रियल एस्टेट कंपनी हीरानंदानी ग्रुप के दो निदेशकों निरंजन और सुरेंद्र हीरानंदानी के खिलाफ़ सभी इमिग्रेशन प्वाईंट्स में एलर्ट घोषित किया है.

सीबीआई के डीआईजी प्रवीन सालुंखे ने बीबीसी को बताया कि दोनों व्यक्ति पिछले 15 दिनों से बुलाने पर नहीं आ रहे थे और उनका परिवार भी इस बारे में कोई सहयोग नहीं दे रहा था. इसलिए सीबीआई को ये एलर्ट नोटिस घोषित करना पड़ा.

ये पूरा मामला ईपीएफ़ (कर्मचारी भविष्य निधि) से कथित तौर पर धोखाधड़ी का है और ईपीएफ़ को दिए जाने वाले पैसे से संबंधित है.

सीबाआई ने ये मामला वर्ष 2008 में दर्ज किया था. दायर की गई एफ़आईआर के मुताबिक निरंजन और सुरेंद्र हीरानंदानी के अलावा आठ लोगों ने कथित तौर पर ईपीएफ़ को 168 करोड़ रुपए का चूना लगाया. उन्होंने विभिन्न कॉन्ट्रेक्टरों द्वारा योजनाओं के लिए काम पर रखे गए मज़दूरों के प्रोविडेंट फंड का पैसा कथित तौर पर नहीं दिया.

ये भी आरोप है कि उन्होंने ईपीएफ़ के अधिकारियों के साथ मिलकर मात्र 2.92 लाख रुपए ईपीएफ़ में जमा किए और कथित तौर पर मामले को रफ़ा दफ़ा कर दिया.

उधर कंपनी की ओर से कहा गया है कि ये गलत है कि निरंजन और सुरेंद्र हीरानंदानी सीबाआई से भागने की कोशिश कर रहे हैं.

कंपनी की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक ये वर्ष 2008 का पुराना मामला है और निरंजन और सुरेंद्र 50 से ज़्यादा बार सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं और इस मामले से जुड़े हुए हज़ारों कागज़ात सीबीआई के पास हैं.

हालांकि कंपनी ने ये साफ़ नहीं किया कि दोनो निरंजन और सुरेंद्र कब तक सीबीआई के सामने आ पाएंगे, और कहा कि ये तभी होगा जब व्यवहारिक तौर पर संभव हो पाएगा.

कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक सुरेंद्र हीरानंदानी छुट्टी पर हैं, जबकि निरंजनी हीरानंदानी काम के सिलसिले में यात्रा कर रहे हैं. हीरानंदानी मुंबई की एक बड़ी रिएल एस्टेट कंपनी है.

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