कश्मीर में गोलीबारी से छह और मौतें

पुलिस फ़ायरिंग
Image caption हिंसक भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने मंगलवार को भी जगह-जगह फ़ायरिंग की

भारत प्रशासित कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन का दौर जारी है और मंगलवार को भी सुरक्षा बलों ने गोलियाँ चलाई हैं जिसमें छह लोगों की मौत हो गई है.

कई अन्य घायल भी हुए हैं जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई गई है.

कुलगाम में हिंसक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी और एक स्पेशल पुलिस ऑफ़िसर के घर में आग लगा दी.

जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर सहित कश्मीर घाटी के अधिकांश इलाक़ों में लगातार पाँचवें दिन कर्फ़्यू जारी है.

इन पाँच दिनों में हिंसक प्रदर्शनों के बीच 26 लोग मारे जा चुके हैं.

हिंसा की इन घटनाओं को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से राजनीतिक क़दम उठाने की मांग की है.

हिंसा

श्रीनगर में मंगलवार की सुबह कमरवाड़ी इलाक़े में तीन हज़ार लोगों के प्रदर्शन पर पुलिस ने गोली चलाई जिसमें एक 19 वर्षीय युवक मेराजुद्दीन की मौत हो गई.

इसके अलावा इदगाह के इलाक़े में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने गोलियाँ चलाईं जिससे अनीस अहमद नाम के एक बालक की मौत हो गई. बाद में हज़ारों लोग कर्फ़्यू का उल्लंघन करके अनीस अहमद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए.

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम के फ़्रिसल में कोई तीन हज़ार प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने गोली चलाई जिसमें कम से कम दो लोग मारे गए और छह अन्य घायल हुए हैं.

Image caption कई जगह लोग कर्फ़्यू का उल्लंघन करके प्रदर्शन करने के लिए निकले

मृतक 18 और 19 वर्षीय दो युवक हैं. घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई गई है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदर्शनकारी जब पुलिस चौकी के पास पहुँचे तो पुलिस ने गोली चलानी शुरु कर दी.

इसके बाद नाराज़ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी को आग लगा दी.

जबकि पुलिस का कहना है कि जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी को जलाया तब भीड़ पर गोली चलाई गई.

लोगों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने एक स्पेशल पुलिस ऑफ़िसर (एसपीओ) शब्बीर अहमद के घर को भी जला दिया है. उनका कहना है कि इसी एसपीओ की गोली से युवक जहाँगीर आलम की मौत हुई.

इसके अलावा बदगाम ज़िले के ओमपोरा में प्रदर्शनकारियों की भीड़ पर चली गोली में दो लोग घायल हो गए.

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी रेलवे स्टेशन को जलाने की कोशिश कर रहे थे जिसे विफल किया गया.

जबकि बारामूला जिले में पुलिस की गोली से 36 वर्षीय मोहम्मद अकबर गंभीर रुप से घायल हो गए.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों का पीछा करती हुई पुलिस पहुँची और उन्होंने मोहम्मद अकबर को उनके घर के अहाते में गोली मार दी.

लोगों का कहना है कि वे प्रदर्शन में शामिल ही नहीं थे.

उन्हें इलाज के लिए श्रीनगर लाया गया है.

बिगड़ते हालात

Image caption ज़्यादातर मारे गए लोगों में नवयुवक हैं

कश्मीर घाटी में पिछले पाँच दिनों में हिंसा में 26 लोग मारे जा चुके हैं.

इनमें आठ साल का एक बच्चा समीर अहमद राह भी शामिल है.

बटमालू इलाक़े के लोगों का आरोप है कि भारतीय अर्धसैनिक बलों के जवानों ने सोमवार को उसके पेट पर बार-बार लात मारी थी इसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

कश्मीर घाटी में पिछले एक महीने से कर्फ़्यू लगा हुआ है. इस दौरान बीच में सिर्फ़ तीन बार कर्फ़्यू हटाया गया.

पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों के ऊपर की गई फायरिंग में अनेक लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं. मारे गए लोगों में अधिकतर नवयुवक हैं.

जून के मध्य से ही पुलिस की गोलीबारी में हुई कई मौतों के कारण कश्मीर घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त है.

अलगाववादी गुटों के आह्वान पर पिछले एक महीने से कश्मीर घाटी में आए दिन बंद चल रहा है और उमर अब्दुल्ला के नेतृत्ववाली राज्य सरकार को समझ में नहीं आ रहा है कि स्थिति से कैसे निबटा जाए.

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