गिलानी की कश्मीरी युवाओं से अपील

कश्मीर में विरोध प्रदर्शन
Image caption सुरक्षा बलों की गोलीबारी में अनेक आम लोग मारे गए हैं

भारत प्रशासित कश्मीर में प्रमुख पृथकतावादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने कश्मीर युवाओं से अपील की है कि वो भारत विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पथराव या अन्य तरह की हिंसा में शामिल ना हों.

हालाँकि सैयद अली शाह गिलानी ने युवाओं से ये भी कहा है कि वो तब तक भारत विरोधी प्रदर्शन जारी रखें जब तक कि भारतीय सेना राज्य से हटाई नही जाती है.

गिलानी ने कहा है कि भारतीय सुरक्षा बलों ने जब ज़्यादा बल प्रयोग किया तभी प्रदर्शनकारियों ने हिंसा का सहारा लिया, "लेकिन मैंने युवाओं से कहा है कि जब भी भारतीय सुरक्षा बल उनके प्रदर्शनों को रोकने की कोशिश करें तो युवाओं को चाहिए कि वे धरने पर बैठ जाएँ."

पृथकतावादी नेता गिलानी ने कहा, "मैंने युवाओं से कहा है कि ऐसे हालात में वो अपने हाथ खड़े कर दें और भारतीय सुरक्षा बलों से कहें कि आओ, हमें मारो."

सैयद अली शाही के इस वक्तव्य की कश्मीरी युवाओं में मिश्रित प्रतिक्रिया हो सकती है. उन्होंने ये अपील ऐसे समय जारी की है जब राज्य में आम कश्मीरियों, ख़ासतौर से युवाओं की भावनाओं में उबाल आया हुआ है.

लेकिन गिलानी ने कहा है कि जो लोग उनके इस रुख़ का विरोध करेंगे वो उन्हें सफ़ाई देने के लिए तैयार हैं.

कर्फ़्यू और प्रदर्शन

सैयद अली शाह गिलानी को लगभग छह सप्ताह के बाद रिहा किया गया है. उन्हें बंदीगृह से इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया था जहाँ से पुलिस ने गिलानी को उनके घर छोड़ दिया है.

Image caption अनेक स्थानों पर लोगों ने कर्फ़्यू को तोड़ा है

इस बीच राजधानी श्रीनगर और अनेक अन्य शहरों में बुधवार को लगातार छठे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा.

कुछ स्थानों पर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर रखे हैं हालाँकि अधिकारियों ने ऐसे कोई आदेश जारी करने से इनकार किया है.

कश्मीर घाटी के अनेक स्थानों पर लोगों ने कर्फ़्यू को तोड़ने की कोशिश की है. पुलिस ने अनेक स्थानों पर आँसू गैस के गोले छोड़े हैं और हवा में गोलियाँ चलाई हैं लेकिन किसी के हताहत होने का समाचार नहीं है.

राजधानी श्रीनगर के बाहरी इलाक़े में एक रैली निकाली गई जिसमें लगभग पचास हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया.

पिछले लगभग छह सप्ताहों से कश्मीर घाटी में तनाव बना हुआ है और अनेक स्थानों पर प्रदर्शन निकाले गए हैं. अनेक प्रदर्शनों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की गोलीबारी में पिछले छह दिनों में 26 आम लोग मारे जा चुके हैं.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कश्मीर के हालात पर चिंता जताते हुए भारतीय सुरक्षा बलों से अपील की है कि वे प्रदर्शनों के दौरान आम लोगों पर बारूदी हथियार चलाने में संयम से काम लें और उनका इस्तेमाल तभी करें जब उनकी जान के लिए कोई गंभीर ख़तरा हो.

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