लेह: मरने वालों की संख्या 132 हुई

लेह बचाव कार्य
Image caption राहत और बचाव कार्य में हिस्सा लेते सैनिक

पुलिस का कहना है कि लेह में बादल फटने और उसके बाद आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 132 हो गई है. इस हादसे में क़रीब 400 लोग घायल हुए हैं.

मरने वालों में विदेशी पर्यटक भी शामिल बताए जा रहे हैं. इसके अलावा 25 सैनिकों समेत सैकड़ों लोग लापता हैं.

रात को स्थगित रहने के बाद शनिवार को वचाब कार्य बारिश की वजह से विलंब से शुरु हुआ.

गुरुवार रात को आई बाढ़ के बाद लेह हवाई अड्डे पर कीचड़ भर गया था जिसके चलते एअरपोर्ट को बंद करना पड़ा था. लेकिन बाद में सेना और वायु सेना ने इसे उड़ान के लिए खोल दिया था

आज भारतीय वायु सेना के छह विमान राहत सामग्री और नेशनल डिज़ास्टर रिपॉन्स फ़ोर्स के राहत और बचाव दल के 125 कर्मचारी के साथ लेह पहुंचे हैं.

इसके अलावा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के डॉक्टरों की दो टीमें भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गईं हैं. डॉक्टरों की इन टीमें अपने साथ पांच टन दवाईयां ले गई है.

इस क्षेत्र में मौजूद के सेना के डॉक्टर घायलों का इलाज कर रहे हैं. सेना के प्रवक्ता ने इस बात का विशेष उल्लेख किया कि लेह में मौजूद विदेश पर्यटक बचाव कार्रवाई में हाथ बंटा रहे हैं.

संचार व्यवस्था

लेकिन लेह और शेष दुनिया के बीच टेलीफ़ोन संपर्क अब भी बुरी तरह से प्रभावित है क्योंकि लेह स्थित बीएसएनएल का एक्सचेंज इस बाढ़ में बह गया था.

सेना के प्रवक्ता का कहना है कि दिल्ली में 'डिज़ास्टर मैनेजमेंट कॉर्निडेशन ग्रुप' की बैठक में ये निर्णय लिया गया कि एक विशेष विमान के ज़रिए 19 वीसेट और अन्य संचार का सामान लेह पहुंचाया जाएगा ताकि बीएसएनएल अपनी टेलीफ़ोन सेवा फिर से बहाल कर सके.

प्रवक्ता ने ये भी बताया कि भारतीय वायु सेना ने बाढ़ में मारे जाने वाले विदेशी पर्यटकों के शव दिल्ली पहुंचाने पर सहमति व्यक्त की है.

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