लेह में सैकड़ों अब भी लापता

  • 8 अगस्त 2010
लेह

शनिवार को 20 और लोगों के शव मिलने के बाद लेह में बादल फटने के बाद आई बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या 132 हो गई है.

मरने वालों में सैनिक और विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं.

अधिकारियों का कहना है कि अभी भी सैकड़ों लोग लापता हैं. लापता लोगों की संख्या चार सौ से छह सौ के क़रीब बताई जा रही है.

जम्मू कश्मीर के पुलिस प्रमुख कुलदीप खोड़ा के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है.

पुलिस का कहना है कि क़रीब चार सौ लोग इस हादसे में घायल हुए हैं.

लेह शहर सहित आसपास के कई गांव इस भयानक बाढ़ से तबाह हो गए हैं. दलदल और मलबे के बीच राहत और बचाव कार्य चल रहा है.

डॉक्टरों का एक दल दवाइयों की एक बड़ी खेप लेकर वहाँ पहुँचा है.

बाढ़ ने लेह की संचार व्यवस्था को भी नुक़सान पहुँचाया है.

लापता

अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित लेह के बाहरी हिस्से में स्थित चोगलमसर गाँव हुआ है.

यह गाँव लगभग पूरी तरह से तबाह हो गया है और अभी भी वहाँ से डेढ़ सौ लोग लापता बताए जाते हैं.

इसी तरह श्योंग गाँव में रहने वाले क़रीब सौ मज़दूरों का भी अभी तक कोई पता नहीं चल सका है.

जिन इलाक़ों में बाढ़ आई है वहाँ कई सैनिक पोस्ट मौजूद थे.

अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ इन पोस्ट को बहा ले गई और उन पर तैनात कोई 25 सैनिकों का अता-पता नहीं है.

जम्मू कश्मीर के पर्यटन मंत्री नवांग रिगज़िन जोरा लेह में राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं.

समाचार एजेंसी एएफ़पी से उन्होंने कहा, "इस समय हमारी प्राथमिकता जीवित बचे लोगों का पता लगाना और उन्हें बचाना है."

पूरे इलाक़े में कई जगह घुटने-घुटने तक दलदल भर गया है.

अधिकारियों का कहना है कि बड़े होटलों को बहुत नुक़सान नहीं पहुँचा है इसकी वजह से पर्यटकों को जानमाल का ज़्यादा नुक़सान नहीं हुआ है.

कहा जा रहा है कि शुक्रवार की सुबह जब बाढ़ आई तो लेह के स्थानीय लोगों के अलावा कोई तीन हज़ार पर्यटक, बौद्ध भिक्षु और एडवेंचर स्पोर्ट में दिलचस्पी लेने वाले लोग मौजूद थे.

संचार व्यवस्था

एयरपोर्ट की सफाई के बाद लेह से विमानों का आना जाना शुरु हो गया है और उम्मीद की जा रही है कि इससे कुछ पर्यटकों को वहाँ से निकलने में सुविधा होगी.

लेकिन लेह और शेष दुनिया के बीच टेलीफ़ोन संपर्क अब भी बुरी तरह से प्रभावित है क्योंकि लेह स्थित बीएसएनएल का एक्सचेंज इस बाढ़ में बह गया है.

सेना के प्रवक्ता का कहना है कि दिल्ली में 'डिज़ास्टर मैनेजमेंट कॉर्निडेशन ग्रुप' की बैठक में ये निर्णय लिया गया कि एक विशेष विमान के ज़रिए 19 वीसेट और अन्य संचार का सामान लेह पहुंचाया जाएगा ताकि बीएसएनएल अपनी टेलीफ़ोन सेवा फिर से बहाल कर सके.

प्रवक्ता ने ये भी बताया कि भारतीय वायु सेना ने बाढ़ में मारे जाने वाले विदेशी पर्यटकों के शव दिल्ली पहुंचाने पर सहमति व्यक्त की है.

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