बाढ़ में 26 जवान लापता, पाक से मदद मांगी

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Image caption लेह में आई बाढ़ से श्योक नदी का भी स्तर बढ़ गया और एलओसी पर काम कर रहे कम से कम 26 जवान उसमें बह गए.

लद्दाख में आई बाढ़ में सियाचिन हिमनदी के पास तैनात कम से कम 26 जवानों के पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की ओर बह जाने की आशंका है. उन्हें ढूंढने में पाकिस्तान की मदद माँगी गई है.

भारतीय थलसेना के एक वरिष्ठ अफ़सर ने बताया है कि शुक्रवार को जब लेह में बादल फटने से बाढ़ आई थी, उसी दिन श्योक नदी में भी पानी का स्तर काफ़ी बढ़ गया था और बाढ़ आ गई थी

उसके बाद से ही क़रीब 26 जवानों का कोई सुराग़ नहीं मिल पाया है.

ये सिपाही तुर्तुक के पास नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पोस्ट की मरम्मत कर रहे थे और सेना को डर है कि ये जवान बह कर पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में पहुंच गए हैं.

बीबीसी से बातचीत में सेना के प्रमुख प्रवक्ता सुतांशु कार ने कहा है कि ऐसा भी हो सकता है कि इन जवानों के शव सियाचिन हिमनदी के पास कहीं फंस गए हों.

सेना ने इन जवानों को ढूंढने और बचाने के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों की मदद माँगी है. बताया जा रहा है कि ये 15 बिहार इंफ़ैंट्री रेजीमेंट के जवान थे.

भारतीय थलसेना के एक वरिष्ठ अफ़सर ने कहा कि ये सभी जवान इस तरह की आपदाओं से लड़ने के लिए बख़ूबी प्रशिक्षित हैं लेकिन सेना 48 घंटे बाद भी उन्हें ढूंढ नहीं पाई है.

उन्होंने कहा, "हमें डर है कि ये जवान तेज़ पानी के बहाव में पीओके (पाकिस्तानी क़ब्ज़े वाला कश्मीर) तक बह गए हैं और हमने इन्हें ढूंढने के लिए पाकिस्तान से मदद माँगी है."

लेह में तबाही

गुरुवार देर रात लेह में कई बादल फटने से कई लोग मारे गए थे. अब तक मृतकों की संख्या 145 हो चुकी है और अधिकारियों ने आशंका जताई है कि ये संख्या बढ़ सकती है. सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं.

बादल फटने के बाद कई पुलिस अधिकारी राहत और बचाव के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे और चार सुरक्षाकर्मियों की पहले ही दिन मौत हो गई थी.

अभी भी राहत और बचाव का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.

जम्मू कश्मीर के पुलिस प्रमुख कुलदीप खोड़ा का कहना है कि सेना और पुलिस के सैकड़ों जवान रास्तों को साफ़ कर अलग थलग पड़ गए गांवों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं.

उनका कहना था कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है. पुलिस का कहना है कि क़रीब चार सौ लोग इस हादसे में घायल हुए हैं.

लेह शहर सहित आसपास के कई गांव बादल फटने से अचानक आई बाढ़ से तबाह हो गए हैं.

डॉक्टरों का एक दल दवाइयों की एक बड़ी खेप लेकर वहाँ पहुँचा है.

बाढ़ ने लेह की संचार व्यवस्था को भी नुक़सान पहुँचाया है.

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