भोपाल गैस कांड: अर्जुन ने राजीव का बचाव किया

Image caption एंडरसन की रिहाई को लेकर अर्जुन सिंह पर सवाल उठाए जा रहे थे

राज्यसभा में भोपाल गैस कांड पर बहस में हिस्सा लेते हुए अर्जुन सिंह ने कहा कि भोपाल गैस कांड के सिलसिले में उन पर लगे सारे आरोप निराधार है.

साथ ही उन्होंने भोपाल गैस कांड में राजीव गांधी की भूमिका का भी बचाव किया.

उन्होंने कहा,''राजीव गांधी ने एंडरसन के संबंध में एक भी शब्द नहीं कहा था. उन पर किसी तरह का आरोप लगाना बिल्कुल बेबुनियाद है.''

उन्होंने भावुक होकर कहा कि वो इस घटना के बाद अपना पद छोड़ने के लिए तैयार थे और उन्होंने इस्तीफ़े की पेशकश भी की थी पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया था.

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी पीडितों को राहत दिलाने के लिए बेहद चिंतित थे.

भोपाल गैस कांड पर चुप्पी तोड़ते हुए उन्होंने कहा,''मैंने भोपाल गैस कांड में वॉरेन एंडरसन को गिरफ़्तार करने का लिखित निर्देश दिया था.''

उन्होंने कहा कि एंडरसन को ज़मानत देने के लिए उनके पास गृह मंत्रालय से फ़ोन कॉल आए थे.

अर्जुन सिंह ने कहा कि उन्होंने ये फ़ैसला राज्य के मुख्य सचिव पर छोड़ दिया था.

विपक्षी नेताओं ने अर्जुन सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और कहा है कि उस समय पीवी नरसिंह राव गृह मंत्री थे और वे अब इस दुनिया में नहीं हैं और न ही राज्य के मुख्य सचिव जीवित हैं.

भोपाल गैस त्रासदी का फ़ैसला आने के बाद विपक्षी नेता लगातार अर्जुन सिंह पर निशाना साधते रहे हैं. लेकिन अर्जुन सिंह ने अब तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की थी.

चुप्पी तोड़ी

उल्लेखनीय है कि 1984 में भोपाल गैस कांड के दौरान अर्जुन सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे.

Image caption अर्जुन सिंह का कहना था कि उन्होंने एंडरसन की गिरफ़्तारी का आदेश दिया था

भोपाल गैस त्रासदी मामले में सात जून को अदालत ने आठ लोगों को दोषी क़रार दे 2-2 साल की सज़ा सुनाई थी.

इस मामले में यूनियन कार्बाइड के तत्कालीन प्रमुख वॉरेन एंडरसन फ़रार घोषित किये गए थे लेकिन वो भारत छोड़कर जाने में सफल हो गए थे.

गैस हादसे के 4-5 दिन बाद यानी सात दिसंबर को एंडरसन भोपाल पहुंचे थे और उन्हें हवाई अड्डे पर ही गिरफ़्तार कर लिया गया था.

लेकिन उसी दिन कुछ ही घंटों के बाद उन्हें न केवल ज़मानत मिल गई यहां तक की मध्यप्रदेश राज्य के सरकारी विमान में उन्हें दिल्ली भेजा गया. एंडरसन उसी दिन दिल्ली से अमरीका चले गए थे.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फ़ैसला आने के बाद अर्जुन सिंह को पत्र लिखकर जवाब भी माँगा था कि वे एंडरसन के भारत से जाने से जुड़ी तमाम घटनाओं पर स्पष्टीकरण दें.

इसके बाद से ही उन्हें लगातार विपक्षी दलों के नेताओं के तीखे बयानों का सामना करना पड़ रहा था.

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