ममता भी व्यवस्था का हिस्सा हैं: किशनजी

नक्सल (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption माओवादी नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी भी सरकारी व्यवस्था का हिस्सा हैं

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के पोलित ब्यूरो के सदस्य कोटेश्वर राव यानी किशनजी ने विपक्षी नेताओं के उस आरोप को ठुकरा दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि ममता बनर्जी की लालगढ़ में आयोजित रैली को माओवादियों का समर्थन हासिल था.

किशनजी ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि ममता वही दोहरा रही हैं जो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री हमारे बारे में कहते रहे हैं क्योंकि वो भी उसी व्यवस्था का हिस्सा हैं.

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने माओवादी नेता आज़ाद की हत्या की आलोचना तो की लेकिन न्यायिक जाँच की माँग नहीं की.

उनका कहना था, ''हम जानते हैं कि ये लोग न्यायिक जाँच की माँग नहीं करेंगे क्योंकि ये ही पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में सरकार चलाते हैं. ये लोग चाहते हैं कि आज़ाद जैसे क्रांतिकारी मारे जाएँ.''

किशनजी का कहना था कि अग्निवेश और मेधा पाटकर जैसे लोगों को आज़ाद की मौत की न्यायिक जाँच के पक्ष में जनतांत्रिक आंदोलन खड़ा करना चाहिए.

शांतिवार्ता के लिए तैयार

ग़ौरतलब है कि ममता बनर्जी ने लालगढ़ में आयोजित रैली में माओवादियों से हथियार डाल देने और शांतिवार्ता की अपील की थी.

किशनजी का कहना था, ''हथियार डालना हमारे एजेंडे में कभी नहीं रहा. ममता बनर्जी ने हमसे हिंसा छोड़ने को कहा, लेकिन हम हिंसा की शुरुआत नहीं करते हैं.''

माओवादी नेता का कहना था, ''उन्होंने ये नहीं कहा कि हमारी सरकार हिंसा रोक देगी और माओवादियों को जवाबी हिंसा रोक देनी चाहिए.''

किशनजी का कहना था, ''माओवादी शांति वार्ता के लिए तैयार हैं. सीपीआई माओवादी संसद से अपील करती है कि यदि आप बातचीत में भरोसा करते हैं तो हिंसा बंद करें और बातचीत की शुरूआत करें. माओवादी जवाबी हिंसा बंद कर देंगे.''

उनका कहना था कि आज़ाद ने स्वामी अग्निवेश के माध्यम से कुछ माँगे भिजवाईं थीं, बातचीत के लिए पार्टी उन माँगों पर अब भी कायम है.

संबंधित समाचार