गैस पीड़ितों को सभी ने निराश किया: चिदंबरम

भोपाल गैस पीड़ित

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने राज्यसभा में भोपाल गैस कांड पर चर्चा के जवाब में कहा कि गैस पीड़ितों को राजनीतिक नेतृत्व और कार्यपालिका ने निराश किया.

चिदंबरम ने कहा कि ये हमारी व्यवस्था की सामूहिक विफलता का नमूना है.

उन्होंने कहा कि 1984 के बाद से आज तक विभिन्न दल सत्ता में आए और चले गए लेकिन भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को सभी ने निराश किया.

चिदंबरम का कहना था, '' इस त्रासदी के बाद कार्यपालिका की जो भूमिका होनी चाहिए थी, वैसी नहीं रही. भोपाल त्रासदी के पीड़ितों को मुआवज़ा देने या फिर उन्हें न्याय दिलाने में कार्यपालिका कई क़दम उठा सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.''

उन्होंने बताया कि वॉरेन एंडरसन के प्रत्यर्पण के लिए उनकी सरकार ने निर्णय लिया है और केशव महिंद्रा और अन्य के मामले में पुनर्विचार याचिका हाई कोर्ट में दाखिल की गई है.

सभी से निराशा

चिदंबरम ने चुटकी ली कि भारतीय जनता पार्टी के नेता अरुण जेटली आज ये सवाल पूछ रहे हैं कि सात दिसंबर, 1984 की रात क्या हुआ था लेकिन अगर यही सवाल 10 वर्ष पहले वो पूछते तो शायद जवाब अधिक स्पष्ट मिल सकते थे.

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि वॉरेन एंडरसन के सात दिसंबर, 1984 की रात को देश से जाने के बारे में कोई रिकॉर्ड सरकार के पास उपलब्ध नहीं है.

उल्लेखनीय है कि बुधवार को मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने राज्यसभा में कहा था कि दिल्ली में गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने एंडरसन को जाने देने के लिए कहा था.

चिदंबरम ने भी तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी का बचाव किया और कहा कि अर्जुन सिंह ने स्पष्ट किया था कि राजीव गांधी ने वॉरेन एंडरसन के संबंध में एक भी शब्द नहीं कहा था. उन पर किसी तरह का आरोप लगाना बिल्कुल बेबुनियाद है.

विपक्ष के तीखे सवालों के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि आज विपक्ष अर्जुन सिंह की एक बात को सही मान रहा है और दूसरी बात को स्वीकार नहीं कर रहा है.

संबंधित समाचार