स्वतंत्रता दिवस पर व्यापक सुरक्षा प्रबंध

  • 15 अगस्त 2010
तिरंगा लिए बच्चे

भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर राजधानी दिल्ली समेत महानगरों में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं. पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को जगह-जगह पर तैनात किया गया है और रेलवे स्टोशनों, हवाई अड्डों और संवेदनशील स्थानों पर चौकसी बरती जा रही है.

कई अलगाववादी संगठनों ने स्वतंत्रता दिवस को या तो 'ब्लैक डे' की संज्ञा दी है या फिर स्वतंत्रता दिवस के समारोहों के बॉयकॉट का आहवान किया है.

बॉयकॉट का आहवान

पूर्वोत्तर भारत के पाँच अलगाववादी संगठनों और पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग में सक्रिय एक संगठन ने आज़ादी समारोहों को बॉयकॉट करने की घोषणा की है.

ये संगठन हैं कामतापुर लिब्रेशन ऑर्गेनाइज़ेशन, मणिपुर पीपुल्स लिब्रेशन फ़्रंट - नेशनल डेमोक्रेटिक फ़्रंट ऑफ़ बोडोलैंड, नेशनल लिब्रेशन फ़्रंट ऑफ़ त्रिपुरा, त्रिपुरा पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ़्रंट और असम का अल्फ़ा.

अलग सिख पहचान और 'आज़ाद पंजाब' की बात करने वाले संगठन दल ख़ालसा ने भी काले झंडे फहराने और आज़ादी समारोहों का बॉयकॉट करने का आहवान किया है.

'नो फ़्लाइंग ज़ोन'

भारत की राजधानी दिल्ली में हज़ारों सुरक्षाकर्मियों को शनिवार शाम से ही उतार निगरानी के लिए उतार दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार केवल सड़कों, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर ही नहीं बल्कि लालकिले के आसपास और आसमान में हवाई क्षेत्र पर भी नज़र रखी जा रही है.

लालकिले के आसपास लगभग 40 सीसीटीवी लगाए गए हैं. इसके साथ ही इमारतों और ऊँचे स्थानों पर सुरक्षाबलों के निशानेबाज़ भी तैनात रहेंगे.

भारत की संसद परिसर, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर अनेक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और निगरानी रखी जा रही है.

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लालकिले के आसपास का इलाक़ा लगभग डेढ़ घंटे तक 'नो फ़्लाइंग ज़ोन' होगा यानी वहाँ किसी भी विमान को उड़ने की इजाज़त नहीं होगी.

सुरक्षाबलों के हेलिकॉप्टर और विमान इस दौरान लगातार उस क्षेत्र में उड़ान भरते रहेंगे.

भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंध्या पर राष्ट्र के नाम संदेश में माओवादियों से वार्ता के लिए आगे आने को कहा है.

अपने संदेश में उन्होंने कहा है कि बातचीत से ही ‘अपने सामने मौजूद मुद्दों का समाधान’ ढूंढा जा सकता है.

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