उत्तर प्रदेश में न्यायिक जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को अलीगढ और मथुरा में किसानों और पुलिस के बीच हुए हिंसक संघर्ष की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं.

कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने रविवार की रात एक प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि सरकार ने हिंसक घटनाओं में मारे गए व्यक्तियों के परिवारों को पांच पांच लाख रुपयों की आर्थिक सहायता भी देगी.

पुलिस के अनुसार इन घटनाओं में पी ए सी के एक जवान और तीन ग्रामीणों की मौत हुई है, हालाकि कैबिनेट सचिव का कहना था कि केवल तीन व्यक्ति मरे हैं.

किसानों और पुलिस के बीच यह संघर्ष यमुना एक्सप्रेसवे के लिए सरकार द्वारा अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे को लेकर हुआ है. सरकार यह जमीन अधिग्रहीत कर जे पी उद्योग समूह को दे रही है , जो सड़क और साथ ही साथ व्यावसायिक नगर भी बना रहे हैं.

सरकार जमीन का मुआवजा पांच सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर कि दर से दे रही है, जबकि किसान पांच हजार की दर से मुआवजा मांग रहे हैं.

अब किसानों के उग्र आन्दोलन को देखते हुए सरकार ने मुआवजे के मसले पर अलीगढ के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बना दी है.

मुख्यमंत्री मायावती ने एक बयान जारी करके कहा है कि सरकार किसी भी हालत में किसानों के हितों की अनदेखी नही होने देगी.

साथ ही मुख्यमंत्री ने इस मामले में विपक्षी दलों की , '' राजनीति' को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

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