पश्चिम बंगाल के कई ज़िले सूखाग्रस्त

Image caption बंगाल, बिहार और झारखंड जैसे राज्य सूखे की मार झेल रहे हैं

बिहार और झारखंड के बाद पश्चिम बंगाल के 18 में से 11 ज़िलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है. वाम दलों की गठबंधन सरकार के वाणिज्य मंत्री आशिम दास गुप्ता ने ये घोषणा की.

राज्य के ज़्यादातर इलाकों ख़ासतौर पर दक्षिणी क्षेत्रों में इस साल 32 फ़ीसदी कम वर्षा हुई है.

दासगुप्ता ने कहा, ''बेहद कम बारिश की वजह से किसान धान और दूसरी कई फसलों की बुआई नहीं कर पाए. हमें डर है कि इस बार फ़सल काफ़ी कम होगी और कृषि उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा.''

जानकारों का कहना है कि अकेले धान की फ़सल के उत्पादन में इस बार 25 से 30 फ़ीसदी कमी आना तय है. इसी तरह की कमी बाकी फ़सलों में भी देखी जाएगी.

दास गुप्ता ने कहा कि फ़सलों में आई कमी के चलते खाने की चीज़ों के दाम बढ़ेगे और इससे स्थिति और खराब होगी. उन्होंने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र सरकार से आर्थिक मदद देने को कहा है.

भारत के कुछ हिस्से जहां बाढ़ की चपेट में है वहीं पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्य सूखे की मार झेल रहे हैं.

झारखंड के सभी 24 ज़िलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है. बिहार के लगभग 28 ज़िले भी सूखे की चपेट में हैं.

बिहार में जहां औसत से 24 फ़ीसदी कम बारिश हुई है वहीं पड़ोसी राज्य झारखंड में 50 फ़ीसदी से भी कम बारिश दर्ज की गई है. उड़ीसा में भी औसत से 16 फ़ीसदी कम बारिश हुई है और उत्तर पश्चिमी भारत के लगभग सात राज्यों में 20 फ़ीसदी से कम बारिश दर्ज की गई है.

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