पिया की आँखों में उम्मीद की रोशनी

पिया
Image caption मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा बताते हुए पिया की मां भावुक हो गईं

अपनी शिक्षिका के थप्पड़ से कथित तौर पर बांई आँख की रोशनी खो चुकी पिया की सूनी आँखों में अब न्याय की उम्मीद जागी है.

राज्य सरकार ने इस घटना की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही पिया को पच्चीस हज़ार रूपये की मदद देने का फ़ैसला भी किया गया है. राज्य के एक नेत्र विशेषज्ञ को पिया के इलाज का काम सौंपा गया है.

पिया और उसके परिजनों का आरोप है कि उसकी स्कूल की अध्यापिका ने आँख पर ऐसा प्रहार किया कि उसकी एक आँख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई.

तब से सात वर्षीय पिया की माँ ओमवती इंसाफ़ के लिए हर उस दरवाजे पर दस्तक दे रही है जो बेटी के साथ हुए नाइंसाफ़ी के लिए न्याय दिला सके.

शनिवार को पिया अपनी माँ ओमवती के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिली. पिया ने जब गहलोत से मिलने का समय माँगा तो उन्होंने सरकारी वाहन भेज कर उसे बुलवाया.

माँ की व्यथा

मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा बयान करते हुए पिया की मां भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि जब भी वो अपनी बेटी की आँख को देखती हैं तो उनकी पलकें भीग जाती हैं.

ओमवती ने गहलोत को बताया कि स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत को अनसुना कर दिया. उनके ज़्यादा ज़ोर देने पर रिपोर्ट तो दर्ज की गई लेकिन मामला इतना सरल बनाया गया कि शिक्षिका को हाथों-हाथ ज़मानत मिल गई.

पिया और उसकी मां से इस मुलाकात के बाद मुख्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले की जाँच सीआईडी को सौंप दी जाए. गहलोत ने जयपुर के ‘एस एम एस मेडिकल कॉलेज’ के एक वरिष्ठ डॉक्टर को दिल्ली के ‘अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान’ (एम्स) के डॉक्टरों के साथ मिलकर बेहतर इलाज करने का भी आदेश दिया.

गहलोत ने कहा कि सरकार इस तरह के मामलों को लेकर संवेदनशील है और पिया की हर संभव मदद की जाएगी.

पिया के पिता वीरेंदर सिंह भारतीय सेना में काम करते हैं. ओमवती का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी के भविष्य को लेकर सुनहरे सपने देखे लेकिन अब उनका सबसे बड़ा सपना पिया की आंख में फिर से रोशिनी देखने का है.

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