राहुल गांधी अचानक अलीगढ़ पहुंचे

राहुल गांधी
Image caption राहुल गांधी के दौरे के बारे में न तो पार्टी और न ही स्थानीय प्रशासन को कोई जानकारी थी.

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ताज एक्सप्रेसवे को लेकर मचे बवाल में किसानों का हाल जानने शनिवार शाम अचानक अलीगढ़ पहुंचे.

राहुल गांधी के इस दौरे की भनक न तो कांग्रेस को थी, न ही स्थानीय प्रशासन को. पिछले दिनों इस इलाक़े में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प में तीन लोगों की मौत हुई थी. उसके बाद कई बड़े राष्ट्रीय नेता आंदोलन कर रहे किसानों से मिल चुके हैं.

जिरकपुर गांव के सीपी सिंह ने फ़ोन पर बीबीसी को बताया कि राहुल गांधी जब आए तो ज़ोरदार बारिश हो रही थी. वे जिरकपुर गांव में सबसे पहले भगत सिंह के घर गए जो पुलिस का कार्रवाई में घायल हुआ था.

उसके बाद वे टप्पल गांव में मोहित के घर गए. मोहित की पुलिस कार्रवाई में मौत हो गई थी.

कांग्रेस की रणनीति

राहुल गांधी ने गांव के लोगों से रुक-रुक कर बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ हैं. क़रीब एक घंटे में राहुल गांधी ने दो-तीन गांव का दौरा किया.

Image caption पुलिस की गोलीबारी में इस क्षेत्र में तीन किसान मारे गए हैं.

इससे पहले शनिवार को ही कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी अलीगढ़ पहुंचे और कहा कि राहुल गांधी किसानों के आंदोलन का नेतृत्व करेंगे.

ऐसा लगता है कि ये दौरा सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है क्योंकि कांग्रेस पार्टी कई सालों से उत्तर प्रदेश में अपनी कमज़ोरी दूर करने के लिए मज़दूरों और किसानों से जुड़ना चाह रही है.

गांव वाले राहुल गांधी के इस दौरे से काफ़ी आशान्वित हैं और उन्हें लगता है कि केंद्र सरकार उनकी ज़मीन बचाने और बढ़ा हुआ मुआवज़ा दिलाने में मदद करेगी.

गांव में इस बात की ख़ास चर्चा है कि प्रदेश की मुखिया होने के बावजूद मायावती ने अब तक उनका हालचाल मालूम करना ज़रुरी नहीं समझा है.

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