ग़रीबों, आदिवासियों को दबाकर विकास नहीं: राहुल

  • 26 अगस्त 2010
Image caption वेदांता को खनन के लिए दी गई पर्यावरणीय अनुमति को रद्द कर दिया गया है

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने उड़ीसा के नियामगिरी पहाड़ों में आदिवासियों की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा है कि ग़रीबों और आदिवासियों की आवाज़ दबाकर नहीं बल्कि उनके हितों का सम्मान करके ही सच्चा विकास हो सकता है.

ग़ौरतलब है कि नियामगिरी में वेदांत बॉक्साइट खनन परियोजना को पर्यावरण मंत्रालय ने रद्द कर दिया है. राहुल गांधी ने इसे आदिवासियों की जीत बताया और ख़ुद को दिल्ली में बैठा उनका सिपाही.

उधर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने राहुल गांधी की रैली के बारे में कहा, "मुझे तो (राहुल का) करिश्मा कहीं दिखा नहीं, फिर वो चाहे उत्तर प्रदेश हो या कहीं और...हमारा काम तो आपको दिखता नहीं..."

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह का कहना था, "कौन किसान का बेटा है...गाँव में रहता है....ये संसद भी जानती है पूरा देश भी जानता है."

इस पर कांग्रेस की नेता और केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी ने कहा, "दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनाथ सिंह जैसा नेता जो भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं...ऐसी हल्की बात कर रहे हैं. बात ये है कि राहुल गाधी को मिल रहे जनसमर्थन और उनकी लोकप्रियता से भाजपा डरती है."

'दिल्ली में आपका सिपाही हूँ'

उड़ीसा के लांजीगढ़ में जगननाथपुर गाँव में रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ''दिल्ली में जब विकास होता है तो ग़रीबों की आवाज़ सुनी जाती है. विकास का मतलब है कि आदिवासियों को उसमें जगह दी जाए. लेकिन यहां जो विकास हो रहा है उसमें लोगों का घर छीना जा रहा है. मैं दिल्ली में आपका सिपाही हूं और जब भी आपको मेरी ज़रूरत हो मैं आपके साथ हूँ.''

केंद्र सरकार ने मंगलवार को उड़ीसा में बॉक्साइट खनन के लिए दी गई पर्यावरणीय अनुमति को रद्द कर दिया था. कुल 1.7 अरब डॉलर की इस परियोजना पर केंद्र सरकार की ओर से गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह फ़ैसला लिया गया था.

राहुल ने कहा, "ये आपकी जीत है. ये आपकी आवाज़ की जीत है. ये आदिवासियों की जीत है."

उन्होंने दावा किया कि आंध्र प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली जहाँ-जहाँ कांग्रेस की सरकार है, वहाँ तेज़ी से विकास हो रहा है और ग़रीबों-दबे कुचले वर्गों की आवाज़ सुनी जा रही है.

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