यासीन मलिक का चचेरा भाई घायल

  • 30 अगस्त 2010
कश्मीर पुलिस
Image caption कश्मीर में सुरक्षाबलों पर आम नागरिकों का आरोप है कि वो ज़्यादतियाँ करते हैं

भारत प्रशासित कश्मीर में सोमवार को हुई पुलिस की फायरिंग में तीन आम नागरिक घायल हुए हैं.

ये घटना श्रीनगर के मायसूमा की है.

घायलों में से एक, यासिर रफ़ीक, जम्मू कश्मीर लिबरेशम फ़्रंट (जेकेएलएफ़) प्रमुख यासिन मलिक के चचेरे भाई हैं.

अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया है और डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत गंभीर है.

पुलिसवाला निलंबित

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ये लोग यासिन मलिक के घर के बाहर कैरम खेल रहे थे जब एक पुलिसवाले ने इनपर अपनी बंदूक से गोलियाँ चला दी.

घटना के दोषी पुलिसवाले, कॉन्सटेबल फ़िरोज़ अहमद को हिरासत में ले लिया गया है और उसे निलंबित कर दिया गया है

श्रीनगर के एसएसपी आशिक बुखारी ने घटना की पुष्टि की है और इसे "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया है.

घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने नारेबाज़ी की और पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई.

भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस को आँसू गैस छोड़ने पड़े और हवा में गोलियाँ चलानी पड़ीं.

भीड़ ने भी पुलिस पर पत्थरबाज़ी की.

घुसपैठ

एक दूसरी घटना में भारतीय सेना ने उरी सेक्टर में घुसपैठ की एक घटना को नाकाम कर दिया है.

सेना के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल जे एस बरार का कहना है कि उरी में नियंत्रण रेखा के पार से हो रही घुसपैठ की एक कोशिश को रोकने की कार्रवाई रविवार रात से हो रही थी.

सेना ने घुसपैठियों को चुनौती दी और उसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में छह घुसपैठिए मारे गए.

सेना के प्रवक्ता का कहना है कि घुसपैठियों के पास भारी संख्या में हथियार थे लेकिन इस घटना में सेना को कोई क्षति नहीं पहुँची है.

घुसपैठियों और सेना के बीच ये झड़प उरी में काफ़ी ऊँचाई पर घने जंगलों में हुई.

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