क्या मौसम 'बेईमान' है?

  • 28 अगस्त 2010
गहलोत का कार्टून
Image caption राजस्थान में बारिश को लेकर शुरू हूई राजनीति कार्टूनों में दिख रही है

ये बहुत पुरानी बात नहीं है जब किसी गीतकार ने मौसम का मिजाज़ पहचाना और एक हिंदी फिल्म के गीत में मौसम को बेईमान निरुपित किया.

मगर भारत के मरूस्थली राज्य राजस्थान की आम अवाम सदियों से मॉनसून की लेट लतीफ़ी से वाकिफ़ रही है.

उन्हें लगता है कि मॉनसून का कोई भरोसा नहीं,कब क्या रंग दिखादे.

हाल के वर्षों में ये ही बात लोग राजनीति के लिए कहने लगे.मगर जब राजनीति ही मॉनसून पर सियासत करने लगे तो मंज़र बहुत दिलचस्प हो जाता है.

राजस्थान में सतारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी बरसात को लेकर एक रोचक लड़ाई में उलझे है.

पहले इन दोनों दलोंल में आरोप प्रत्यारोप की जंग मोबाइल फ़ोन पर संदेशों के ज़रिये लड़ी गई.

अब कार्टून इन दोनों के बीच लड़ाई का नया मैदान है.

"गहलोत गए विदेश में,बारिश आई प्रदेश में"

इस जंग की शुरुआत गत् जुलाई में तब हुई जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकारी तौर पर अमरीका के दौरे पर गए और रूठा हुआ मॉनसून मेहरबान हुआ.

इसी दौरान लोगों के मोबाइल फ़ोनों पर संदेश बरसने लगे कि गहलोत के जाते ही बारिश शुरू हो गई.

इनमें से एक था, "गहलोत गए विदेश में,बारिश आई प्रदेश में."

ये महज संयोग ही होगा कि जब गहलोत लौटे तो मॉनसून ने वक़्ती तौर पर अपना हाथ तंग कर लिया.

लिहाज़ा फिर मोबाइल फ़ोनों पर ऐसे ही संदेशों की पदचाप सुनी जाने लगी और एसएमएस में कहा गया कि अच्छी बारिश के लिए गहलोत को बाहर भेजो.

मॉनसून की बेरुख़ी के ऐसे ही माहौल में एक बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री दिगंबर सिंह ने कहा,ये लोगों के ज़ेहन में बैठी हुई है कि जब गहलोत सत्ता में आते है,मानसून रूठ जाता है.

लेकिन सिंह ने कहा कि इन मोबाइल संदेशों में उनकी पार्टी का कोई हाथ नहीं है.

फिर मॉनसून जैसे ख़ुद सियासत पर उतर आया हो.

वो ऐसा मेहरबान हुआ कि कुछ स्थानों पर बाढ़ की नौबत आ गई.बदरा बरसे तो सूखी धरती का रोम रोम पुलकित हो गया.

इस पर गहलोत को मौका मिल गया.कहने लगे,"बारिश किसी इंसान के हाथ में नहीं है.ये तो कुदरत की नियामत है.बीजेपी वालों ने लोगों को गुमराह किया और अफवाहें फैलाईं,क़ुदरत ने ख़ुद जवाब दे दिया.बीजेपी वाले ये सोच कर खुश थे कि बारिश न हो तो सरकार बदनाम होगी.उन्हें सोचना चाहिए था कि लाखों लोगों को कितनी दिक़्कत होती अगर बारिश नहीं होती."

कोंग्रेस समर्थको ने भी पहले मोबाइल फ़ोन पर एसएमएस भेजकर बीजेपी को लक्षित किया और फिर ये जंग कार्टून में उतर आई.

जयुपर के सिविल लाइंस इलाक़े के मुहाने पर लगा एक कार्टून गहलोत को अच्छी बरसात पर बाग़ बाग़ होते दिखाता है तो विरोधियों को आंसू बहाते दर्शाता है.

इस रोचक जंग के बीच लोग भ्रमित हैं कि हिंदी फिल्म का गाना ''आज मौसम बड़ा बेईमान है'' सटीक है या सियासत को बेईमान कहना ज़्यादा ठीक है.

संबंधित समाचार