दस पुलिस जवानों का अता-पता नहीं

माओवादी लड़ाके
Image caption बिहार में पहले भी माओवादियों ने सरकारी अफ़सरों का अपहरण किया है

बिहार के पुलिस प्रमुख ने कहा है कि लखीसराय ज़िले में नक्सलियों या माओवादियों से चल रही मुठभेड़ के बीच कम से कम दस पुलिसकर्मियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है.

इस बीच कई पुलिस के जवान मुठभेड़ वाले इलाक़े से जान बचाकर भाग आए हैं, जिनमें से चार जवान घायल हैं.

एक घायल जवान का कहना है कि नक्सलियों ने सभी जवानों से हथियार छीन लिया.

इस बीच नक्सलियों ने रविवार की दोपहर शिवहर ज़िले के तरियानी अंचल में प्रखंड विकास अधिकारी यानी बीडीओ मनोज कुमार सिंह का अपहरण कर लिया.

नक्सलियों का कहना है कि गत 23 मार्च को बेलसंड अनुमंडल में महंगाई विरोधी मंच की एक रैली के बाद जिन 12 निर्दोष लोगों को गिरफ़्तार किया था, उन्हें जब तक नहीं छोड़ा जाएगा, बीडीओ को भी नहीं छोड़ा जाएगा.

मुठभेड़

लखीसराय ज़िले के कजरा थाना इलाक़े में रविवार की सुबह नक्सलियों और पुलिस के बीच शुरु हुई मुठभेड़ देर रात तक जारी थी.

इस मुठभेड़ स्थल से भाग कर आए कुछ पुलिस जवानों ने सूचना दी है कि नक्सलियों ने आमने-सामने की दो पहाड़ियों से गोली चला रहे हैं और पुलिस के लोग बीच के मैदान में फँसे हुए हैं.

दोनों ओर से सैकड़ों राउंड गोलीबारी हो चुकी है.

वहाँ से घायल लौटे चार जवानों में से एक ने पत्रकारों को बताया, "हम लोग तो भागकर चले आए लेकिन जो लोग आगे निकल गए थे उनका पता नहीं है."

जवान ने कहा, "मुख्यालय को मुठभेड़ की सूचना दे दी गई थी लेकिन बहुत देर तक कोई बैक-अप नहीं मिला."

उधर राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बीबीसी को बताया है कि इस मुठभेड़ स्थल से कम से कम दस पुलिस जवानों के बारे में कोई सूचना नहीं मिल पा रही है.

उन्होंने बताया कि जिनके बारे में सूचना नहीं मिल रही है उनमें तीन सब इंस्पेक्टर, दो हवलदार और पाँच कॉन्सटेबल हैं.

अधिकारी इन लोगों के हताहत होने की ख़बरों की पुष्टि भी नहीं कर रहे हैं.

उन्होंने बताया कि जहाँ मुठभेड़ हो रही है वह इलाक़ा तो लखीसराय ज़िले का है लेकिन इससे जमुई और मुंगेर ज़िले की सीमा भी लगती है.

उनका कहना है कि तीनों ज़िलों में बड़ी संख्या में सीआरपीएफ़, बिहार कोबरा पुलिस और स्पेशल टास्क फ़ोर्स के जवानों को मुठभेड़ स्थल की ओर रवाना किया गया है.

मुठभेड़ में पुलिस का नेतृत्व आईजी (ऑपरेशन्स) और एडीजीपी कर रहे हैं.

अपहरण

पुलिस का कहना है कि माओवादियों ने शिवहर ज़िले के तरियानी अंचल में प्रखंड विकास अधिकारी यानी बीडीओ मनोज कुमार सिंह का अपहरण कर लिया है.

बीडीओ एक सरकारी काम से गांव गए थे जहां उन्हें मोटरसाइकिल पर सवार माओवादी उठा कर ले गए.

बिहार के पुलिस प्रवक्ता पीके ठाकुर ने बीबीसी को बताया, "इस इलाक़े में पुलिस खोज अभियान में जुट गई है लेकिन देर शाम तक बीडीओ का पता नहीं चल सका है."

उत्तर बिहार के पश्चिमी ज़ोनल कमेटी के प्रहार सचिव ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया कि जनमुक्ति छापामार सेना ने यह कार्रवाई की है.

उन्होंने बताया कि गत 23 मार्च को बेलसंड अनुमंडल में महंगाई विरोधी मंच की एक सभा में गोलीबारी हुई थी.

उनका आरोप है, "पुलिस ने छापेमारी करके प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ मारपीट की और महिलाओं से साथ बदसलूकी की गई और 12 निर्दोष लोगों को गिरफ़्तार कर लिया था."

उनका कहना है कि अब जब तक पुलिस उन बारह लोगों को रिहा नहीं करती है, बीडीओ को नहीं छोड़ा जाएगा.

एक नक्सली नेता मुसाफ़िर साहनी की हाल में हुई गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ नक्सलियों ने शनिवार को उत्तर बिहार बंद का आह्वान किया था.

इसी सिलसिले में शनिवार रात छपरा ज़िले में नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य में लगे एक निजी कंपनी की पांच मशीनों में आग लगा दी थी.

इससे पहले दो स्थानों पर माओवादियों ने दो मोबाइल फ़ोन टावर ध्वस्त कर दिए थे.

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