विस्फोटक मामले में पति-पत्नी पकड़े गए

  • 2 सितंबर 2010
ट्रक
Image caption हेडा दंपति को पुलिस ने अहमदाबाद से हिरासत में लिया है.

राजस्थान के धौलपुर से कथित तौर पर गायब हुए विस्फोटकों से भरे 164 ट्रकों के मामले में पुलिस ने हेडा दंपत्ति को अहमदाबाद में हिरासत में ले लिया है.

विस्फोटकों के कारोबारी शिवशंकर हेडा और उनकी पत्नी दीपा हेडा पर राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस ने पुरस्कार घोषित कर रखा है.

पुलिस के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि पुलिस की एक टीम को इनके राजस्थान से बाहर छिपे होने की जानकारी मिली थी.

कहाँ गए विस्फोटक

सूचना के आधार पर पुलिस ने उन्हें गुरुवार को अहमदाबाद से हिरासत में ले लिया जहां ये दोनों छिपे हुए थे. पुलिस दोनों को भीलवाडा लेकर आ रही है.

इस मामले में मध्य प्रदेश के सागर ज़िले सें पुलिस ने एक और कारोबारी जयकिशन आसवानी को गिरफ़्तार किया था.

पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ 14 अगस्त को विस्फोटक पदार्थ क़ानून के तहत मुक़दमा दर्ज किया था.

हेडा दंपत्ति और आसवानी पर आरोप है कि इन लोगों ने धौलपुर की एक बारूद फ़ैक्ट्री से अलग-अलग समय ये विस्फोटक हासिल किए थे.

इन विस्फोटकों को उनके नियत जगह पर भेजने की जगह कहीं और भेज दिया गया.

इस बात का पता तब चला जब सागर पुलिस ने इनके लाइसेंस में दिखाए गए गोदामों का निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान पुलिस को ये विस्फोटक गायब मिले. दोनों राज्यों की पुलिस ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया .

उधर, धौलपुर की बारूद फैक्ट्री ने अपने स्तर पर किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया है. वहाँ के प्रशासन का कहना है कि उन्होंने क़ानून के मुताबिक़ ही ये विस्फोटक इन लाइसेंसी कारोबारियों को जारी किए थे.

फैक्ट्री की दलील

पुलिस बारूद फैक्ट्री की इस दलील से संतुष्ट नहीं है.

सागर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह ने बीबीसी को बताया कि अब तक मध्य प्रदेश पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और 29 ट्रकों को जब्त किया है.

पुलिस के मुताबिक़ इन ट्रकों का इस्तेमाल विस्फोटकों को ढोने में किया गया था. लेकिन जाँच में इनमें से केवल 14 ट्रकों में ही विस्फोटक ढोने की बात सामने आई है.

पुलिस का कहना है कि अलग-अलग समय में धौलपुर से करीब 864 मेट्रिक टन विस्फोटक खनन में इस्तेमाल के लिए हासिल किए गए थे. लेकिन ये विस्फोटक अपने मुकाम तक नहीं पहुंचे.

मनोज सिंह ने बताया कि हेडा दंपति की कारोबारी फर्म को मिले 15 लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं. इस सिलसिले में भारत में कुछ और फर्मों के लाइसेंस भी रद्द किए गए हैं.

पुलिस अब यह गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही है कि इन विस्फोटकों का इस्तेमाल कहाँ किया गया और इसे हासिल करने वाले कौन-कौन थे.

पुलिस अब तक यह मान कर चल रही है कि इन विस्फोटक का इस्तेमाल ग़ैर क़ानूनी खनन में किया गया है.

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं इनका इस्तेमाल किसी और जगह तो नहीं किया गया है.

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