बंधक पुलिसकर्मियों को लेकर भ्रम

माओवादी (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption माओवादियों के प्रवक्ता ने माना था कि कई बड़े व्यक्तियों के कहने पर उन्होंने बंधकों को रिहा करने का फ़ैसला किया

माओवादियों की घोषणा के अनुसार बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों को रविवार की सुबह मुक्त किया जाना था लेकिन देर शाम तक भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.

इससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है.

बिहार के पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे भी मीडिया रिपोर्टों की जाँच कर रहे हैं जिसमें कहा गया है कि माओवादियों ने पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया है.

माओवादी नेता अविनाश से बातचीत सुनिए

उनका कहना है कि बंधक पुलिसकर्मियों को खोज निकलने का उस का अभियान जारी है,पर इसमें अबतक कामयाबी नहीं मिल पाई है. राज्य के अपर पुलिस निदेशक पी.के.ठाकुर ने बीबीसी से कहा, "इस बाबत पुलिस कार्रवाई क्या और कहाँ की जा रही है , ये अब मीडिया को एक रणनीति के तहत नहीं बताया जा रहा है."

उन्होंने कहा कि नक्सली ऐसी सूचनाओं से लाभ लेने की ताक में रहते हैं.

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कहा है कि उन्हें बंधकों की रिहाई के बारे में कोई सूचना नहीं है.

अपहरण और हत्या

माओवादियों ने गत रविवार को लखीसराय ज़िले में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया था.

इस मुठभेड़ में सात पुलिसकर्मी मारे भी गए थे.

माओवादियों ने इन चार पुलिसकर्मियों की रिहाई के बदले बिहार के विभिन्न जेलों में बंद अपने आठ साथियों की रिहाई की माँग रखी थी.

लेकिन गुरुवार को उन्होंने एक हवलदार लूकस टेटे को मार दिया था.

बाद में माओवादियों ने बचे हुए तीन पुलिसकर्मियों को रिहा कर देने की बात कही थी.

माओवादियों के प्रवक्ता अविनाश ने शनिवार को बीबीसी को फ़ोन पर बताया था कि बंधकों की रिहाई के लिए रविवार की सुबह का समय तय किया है.

बिहार का स्थानीय मी़डिया माओवादियों के हवाले से कह रहा है कि बंधकों को रिहा कर दिया गया है लेकिन प्रशासन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है और न ही ये पुलिसकर्मी अभी तक सामने आए हैं.

इससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है.

राखी बंधवाई

इस बीच ख़बर मिली है कि अनुसार बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों में से एक सब इंस्पेक्टर अभय यादव के खगड़िया स्थित निवास पर एक माओवादी पहुँचा था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अपना मुँह ढँककर वहाँ पहुँचे इस माओवादी ने सब इंस्पेक्टर की पत्नी से राखी बँधवाई और आश्वासन दिया कि अभय यादव को जल्दी ही रिहा कर दिया जाएगा.

एजेंसी के अनुसार अभय यादव की पत्नी रजनी से उस व्यक्ति ने कहा, "नक्सलियों की माँ-बहनें हैं और हम आपके परिवार को और कष्ट नहीं पहुँचाना चाहते."

उनका कहना था, "परिवार की पीड़ा को देखते हुए हमने तय किया है कि उन्हें (अभय यादव को) रिहा कर दिया जाए."

पुलिस का कहना है कि वे इस व्यक्ति को पहचानने का प्रयास कर रहे हैं.

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