नक्सलियों ने तीनों पुलिसकर्मियों को रिहा किया

  • 6 सितंबर 2010
Image caption पुलिस का कहना है कि तलाशी अभियान के दौरान सात माओवादी भी पकड़े गए हैं.

बिहार पुलिस का कहना है कि पिछले एक हफ़्ते से नक्सलियों के हाथों बंधक तीनों पुलिसकर्मियों की सुरक्षित रिहाई हो गई है और इस अभियान में सात माओवादी भी गिरफ़्तार किए गए हैं.

राज्य के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने कहा है, “अंत भला तो सब भला.”

बिहार के पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बीबीसी को बताया कि सोमवार की सुबह इन तीनों की रिहाई हुई है और सबसे पहले उन्हें लखीसराय पुलिस स्टेशन ले जाया गया.

छोड़े गए पुलिसकर्मी हैं सब-इंस्पेक्टर रूपेश कुमार, सब-इंस्पेक्टर अभय यादव और बिहार मिलिट्री पुलिस के हवलदार एहसान ख़ान.

बंधक बनाए गए चौथे पुलिसकर्मी लुकास टेटे की पहले हत्या कर दी गई थी.

नीलमणि ने बताया कि सोमवार दोपहर बाद इन पुलिसकर्मियों को भारी सुरक्षा के बीच पटना लाया जाएगा जहां उन्हें मीडिया के सामने भी पेश किया जाएगा.

उनका कहना था, “तलाशी अभियान के दौरान सात माओवादी पकड़े गए हैं जिनमें उनका एक एरिया कमांडर भी शामिल है.”

माओवादी प्रवक्ता

इस बीच माओवादी प्रवक्ता अविनाश ने पुलिसकर्मियों की रिहाई के बाद बीबीसी को फ़ोन करके बताया कि इन तीनों को उनके कुछ परिजनों को सौंप दिया गया और फिर रास्ते में पुलिस ने उन्हें अपने साथ ले लिया.

रिहाई में हुई देर के बारे में पूछे जाने पर अविनाश का कहना था, “पुलिसकर्मियों को दूरदराज़ के जंगली इलाकों में रखा गया था और परिजनों तक उन्हें सुरक्षित पहुंचाने की कोशिशों में देर हुई है.”

उन्होंने उन आरोपों को बेबुनियाद बताया कि नक्सली आदिवासी-गै़र आदिवासी गुटों में बंट गए थे क्योंकि लुकास टेटे जिनकी हत्या कर दी गई आदिवासी थे.

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