राजस्थान में डॉक्टरों की हड़ताल ख़त्म

  • 7 सितंबर 2010
सवाई मानसिंह अस्पताल, जयपुर
Image caption हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानी हुई

जोधपुर के दो बड़े अधिकारियों को पद से हटाने के बाद राजस्थान के विभिन्न शहरों में हड़ताल कर रहे सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल ख़त्म करने की घोषणा की है.

प्रशासन ने जोधपुर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट स्नेहलता को पद से हटाने की घोषणा की है.

सरकार ने कहा है कि डॉक्टरों की शेष माँगों पर विचार किया जाएगा.

इससे पहले डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना की जाँच के लिए अतिरिक्त संभागीय आयुक्त गोविंद सिंह के नेतृत्व में एक समिति का गठन कर दिया गया था.

डॉक्टर पिछले शनिवार से हड़ताल कर रहे थे. हड़ताल जोधपुर से शुरु हुई थी लेकिन बाद में जयपुर, उदयपुर और अजमेर के डॉक्टर भी इसमें शामिल हो गए थे.

इसकी वजह से मरीजों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा. जोधपुर में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही पिछले तीन दिनों में 28 लोगों की मौत हो गई थी, जिसे इस हड़ताल से जोड़कर देखा जा रहा था.

हालांकि डॉक्टरों का कहना था कि इन मौतों को हड़ताल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.

मारपीट का आरोप

जोधपुर के डॉक्टरों का आरोप था कि एक मरीज के कुछ रिश्तेदारों ने उन पर हमला कर दिया था और इसके बाद पुलिस ने उन पर लाठियाँ बरसाईं और कई डॉक्टरों को बेरहमी से पीटा.

इसके बाद शनिवार रात से ही जोधपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रेसीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे और बाद में जयपुर, उदयपुर, अजमेर और कोटा के डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल हो गए.

डॉक्टरों का कहना था कि उनके साथ आए दिन मारपीट होती रहती है और उनकी सुरक्षा का कोई इंतज़ाम नहीं है.

वे दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे.

बाद में सरकार ने अतिरिक्त संभागीय आयुक्त गोविंद सिंह के नेतृत्व में एक समिति के गठन की घोषणा की थी.

अभी यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि सुरक्षा संबंधी डॉक्टरों की मांग पर किस तरह की कार्रवाई हो रही है.

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