मुंडा ने पेश की सरकार बनाने की दावेदारी

  • 7 सितंबर 2010
अर्जुन मुंडा
Image caption अर्जुन मुंडा पहले भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं

झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के साथ मिलकर सरकार बनाने की दावेदारी पेश की है.

झामुमो ने भाजपा को बिना किसी शर्त समर्थन देने की बात की है जिसके बाद भाजपा के अर्जुन मुंडा को विधायक दल का नेता चुना गया.

ग़ौरतलब है कि राजनीतिक गतिरोध की वजह से झारखंड में एक जून से राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है.

मंगलवार को भाजपा के राज्य इकाई के अध्यक्ष रघुवर दास 45 विधायकों के समर्थन की सूची लेकर झारखंड के राज्यपाल एमओएच फ़ारूख़ से मिले.

जहाँ अर्जुन मुंडा सहित 44 विधायक राजभवन में मौजूद थे, वहीं झामुमो के एक विधायक पोलूस सूरीन हिरासत में होने की वजह से अनुपस्थित थे.

राज्यपाल से मिलने के बाद रघुवर दास ने संवाददाताओं को बताया, "हमने 45 विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंप दी है और उनसे आग्रह किया हे कि वे नवनिर्वाचित विधायक दल के नेता अर्जुन मुंडा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें."

राज्यपाल ने महाअधिवक्ता से इस मामले में राय मांगी है और कहा है कि वे अपना निर्णय पार्टी को दे देंगे.

राजनीतिक हलचल

झारखंड में राजनीतिक खींचतान तब शुरु हुआ जब अप्रैल के आख़िरी सप्ताह में संसद में कटौती प्रस्ताव में शिबू सोरेने ने कांग्रेस का साथ दिया. जबकि वे राज्य में भाजपा के समर्थन से सरकार चला रहे थे.

इसके बाद भाजपा ने समर्थन वापसी की घोषणा की तो शिबू सोरेन थोड़े झुके.

लंबी राजनीतिक खींचतान के बाद आख़िर 18 मई को दोनों दलों ने एक समझौते की घोषणा की थी जिसके अनुसार कहा गया था कि दोनों दलों ने 28-28 महीने सत्ता का बँटवारा करेंगे.

लेकिन आख़िर कोई फ़ैसला नहीं हो सका था और शिबू सोरेन ने 30 मई को इस्तीफ़ा दे दिया था.

राजनीतिक विकल्प के अभाव में पहली जून से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.

झारखंड विधानसभा में कुल 82 विधायक हैं. एंग्लो-इंडियन समुदाय के एक नामित विधायक जोसेफ़ पी गालसटोन की जून में मौत हो गई थी.

सूची में भाजपा और झामुमो के 18-18 विधायक हैं जबकि जदयू के दो और एजेएएसयू के पाँच और दो निर्दलीय विधायक शामिल हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस बीच दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने झारखंड में राजनीतिक सरगर्मियों को लेकर बैठक की है.

झारखंड विधानसभा में कांग्रेस के 14 विधायक हैं.

ख़बरें हैं कि कांग्रेस ने दूर रहकर राजनीतिक गतिविधियों पर नज़र रखने का फ़ैसला किया है.

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