कश्मीर में कई जगह प्रदर्शन, फ़ायरिंग

श्रीनगर में हिंसा
Image caption श्रीनगर में लाल चौक के पास एक सरकारी इमारत में ईद के दिन आग लगा दी गई

भारत प्रशासित कश्मीर में ईद के दिन प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और आगजनी की है जिसके जवाब में पुलिस ने फ़ायरिंग की जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया.

प्रदर्शनकारियों ने हज़रत बल दरगाह में आगजनी की और लालचौक के पास एक सरकारी इमारत में आग लगा दी है.

जगह-जगह ईद की नमाज़ के बाद अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की उन शर्तों को प्रस्ताव के रुप में पारित गया है जो उन्होंने बातचीत के लिए केंद्र सरकार के सामने रखी थीं.

दो दिन पहले गिरफ़्तार किए गए गिलानी को प्रशासन ने रिहा कर दिया है.

इस बीच एक और अलगाववादी नेता मीर वाइज़ उमर फ़ारुक़ ने ईद की नमाज़ के बाद रैली की शक्ल में लाल चौक पहुँच कर इस्लामिक झंडा फ़हराया.

इससे पहले लोग विभिन्न वाहनों में ईद की नमाज़ के लिए जाते हुए दिखाई पड़े. अधिकांश लोग भारत से आज़ादी के नारे लगा रहे थे.

बारामूला और बांदीपुरा में भी प्रदर्शन की ख़बरें है और वहाँ पुलिस ने फ़ायरिंग की है और आँसूगैस के गोले छोड़े हैं.

भारत प्रशासित कश्मीर पिछले जून से अस्थिरता के माहौल में है. इस दौरान या तो कर्फ़्यू रहा है या फिर अलगाववादियों की ओर से बंद.

हिंसक प्रदर्शनों और उसके बाद हुई फ़ायरिंग में कम से कम 69 लोगों की मौत हुई है.

हिंसा

Image caption श्रीनगर में ईद की नमाज़ के बाद हज़ारों लोगों ने बाहर जमा होकर नारे लगाए

हिंसा और आगजनी की घटना हज़रत बल दरगाह में हुई.

प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार नमाज़ के बाद होने वाले ख़ुतबा के तुरंत बाद वहाँ कुछ लोगों ने तोड़फोड़ शुरु कर दी.

उन्होंने एक खाली पड़े पुलिस पोस्ट में तोड़फोड़ की और पुलिस की एक जिप्सी में आग लगा दी.

प्रदर्शनकारियों ने वक्फ़बोर्ड के एक एम्बुलेंस में भी तोड़फोड़ की.

इन प्रदर्शनकारियों पर हुई फ़ायरिंग में एक व्यक्ति घायल हुआ.

इस बीच कश्मीर घाटी में जगह-जगह ईद की नमाज़ पढ़ी गई.

हर जगह सैयद शाह गिलानी की शर्तों को प्रस्ताव के रुप में पढ़ा गया और फिर पारित किया गया.

उधर लालचौक से एक किलोमीटर दूर एक इमारत में कुछ प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी.

दो मंज़िला इस सरकारी इमारत में पावर डवलपमेंट और अपराध शाखा ब्यूरो का कार्यालय है.

इसके बाद वहाँ पुलिस ने फ़ायरिंग की और आँसू गैस के गोले छोड़े.

रैली

ईदगाह में नमाज़ पढ़ने के बाद मीर वाइज़ उमर फ़ारुक बड़ी भीड़ के साथ लालचौक जाकर एक रैली की. उनके साथ एक और अलगाववादी नेता यासिन मलिक भी थे.

इस रैली में हज़ारों लोग इकट्ठे हुए. वहाँ लालचौक में घंटाघर में इस्लामिक झंडे फ़हराए गए.

वहीं शहरों में मोटरसाइकिल में झंडे लगाए हुए युवकों ने भी नारे लगाए.

कुछ लोगों ने तख़्तियाँ हाथ में ले रखी थीं जिनपर लिखा था - गो इंडिया गो.

वहाँ प्रदर्शनकारी धरना देना चाहते थे लेकिन सरकारी इमारत में आग लगाने के बाद हुई फ़ायरिंग की वजह से लालचौक से भीड़ तितरबितर हो गई.

अब तक वहाँ से किसी प्रकार की हिंसा की ख़बरें नहीं हैं.

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