कश्मीर में 18 मौतें, सर्वदलीय बैठक का आह्वान

  • 13 सितंबर 2010
कश्मीर में कर्फ़्यू
Image caption कश्मीर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 15 लोगों की मौत हो गई है.

भारत प्रशासित कश्मीर में दो अलग-अलग कारणों से हो रहे प्रदर्शनों पर हुई सुरक्षा बलों की फ़ायरिंग में कम से कम 18 लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हो गए हैं.

इस बीच राजधानी दिल्ली में कश्मीर में हो रही हिंसा के मुद्दे पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमिटी की बैठक हुई जिसमें बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाने का फ़ैसला किया गया.

कश्मीर में शनिवार को ईद के बाद से ही हिंसा जारी है. सोमवार को दो अलग अलग प्रदर्शन हुए हैं.

मारे गए लोगों में एक सातवीं कक्षा का छात्र भी है. एक पुलिस के जवान की मौत प्रदर्शन के दौरान एक गाड़ी से कुचलने से हो गई. मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी की आशंका जताई गई है.

'आज़ादी' की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शनों का दौर जारी ही था लेकिन 11 सितंबर को अमरीका में क़ुरान के अपमान की घटना से नाराज़ लोग भी प्रदर्शन करने सड़कों पर उतर आए.

एक विदेशी चैनल ने अमरीका में कुरान के अपमान करने की कुछ तस्वीरें चलाई जिसके बाद प्रदर्शनकारी काफ़ी उग्र हो गए और एक स्कूल में भी आग लगा दी.

क़ुरान के अपमान का विरोध करने के लिए कश्मीर घाटी के विभिन्न इलाक़ों में रविवार की रात से हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए थे.

प्रदर्शनकारियों ने अमरीका और भारत विरोधी नारे लगाए और राष्ट्रपति बराक ओबामा के पुतले भी जलाए.

नाराज़ भीड़ ने प्रोटेस्टेंट चर्च के टाइंडेल बिस्को स्कूल में आग लगाने के अलावा कई सरकारी इमारतों और एक सरकारी गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया.

प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस स्टेशन पर भी हमला किया.

हुमहामा, बदगाम, चरार-ए-शरीफ़, हरवान, पांपोर, अनंतनाग और अजस में हिंसक प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार भी किया गया है.

कर्फ़्यू

सोमवार को श्रीनगर सहित अन्य शहरों और क़स्बों में कर्फ़्यू जारी रखने का ऐलान किया गया था. चौबीस घंटों का यह कर्फ़्यू अनंतनाग, पुलवामा, सोपोर, बारामुला, बांडीपुरा, अवंतीपुरा, लेतपुरा, पांपोर और बड़गाम में लागू रखा गया था.

लेकिन लोग कर्फ़्यू का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे.

इस मौत के साथ ही पिछले जून से अब तक कश्मीर घाटी में मरने वालों की संख्या 79 हो गई है. इनमें से 75 लोग सुरक्षाबलों की कार्रवाई के दौरान मारे गए हैं. जबकि चार लोगों की मौत एक विस्फोट में हुई थी.

यह विस्फोट एक पुलिस स्टेशन में हुआ था जिसमें प्रदर्शनकारियों ने ही आग लगाई थी.

ईद के मौक़े पर हिंसा के बाद रविवार को भारत प्रशासित कश्मीर के ज़्यादातर स्थानों पर कर्फ़्यू लगा दिया गया था. लेकिन एक हिंसक भीड़ ने कर्फ़्यू का उल्लंघन करते हुए अनंतनाग में शिक्षा मंत्री पीरज़ादा मोहम्मद सईद के पुश्तैनी घर में तोड़फोड़ की थी.

श्रीनगर के पास हुमहामा में मारे गए व्यक्ति का नाम ग़ुलाम रसूल बताया गया है. वहाँ कई अन्य घायल भी हुए हैं.

इस बीच बांडीपुरा के सदरकूट और अजस गाँवों से प्रदर्शन और फ़ायरिंग की ख़बरें हैं. अजस की फ़ायरिंग में 15 साल का एक युवक निसार अहमद बट मारा गया है.कम से कम चार लोगों के घायल होने की भी ख़बरें हैं.गंभीर रुप से घायल एक व्यक्ति को इलाज के लिए श्रीनगर लाया जा रहा है.

अमरीका के प्रति नाराज़गी

इस बीच घाटी में कई जगह अमरीका विरोधी प्रदर्शन भी हुए हैं. नाराज़ लोगों ने राष्ट्रपति बराक ओबामा के पुतले भी जलाए हैं.

एक टेलीविज़न ख़बर प्रसारित की गई थी कि अमरीका के एक प्रांत में एक स्थान पर 11 सितंबर को मुसलमानों के पवित्र ग्रंथ क़ुरान के कुछ पन्ने फाड़े गए हैं.

इसके बाद से ये प्रदर्शन हो रहे हैं.

रविवार की रात को जुलूस निकाले गए थे जो सोमवार को दिन में भी जारी हैं.

अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने श्रीनगर से 40 किलोमीटर दूर तंगमर्ग में एक ईसाई स्कूल में आग लगा दी है.

इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने कई जगह हिंसक प्रदर्शन किए हैं.

श्रीनगर के पास हुमहामा के प्रदर्शन को छोड़कर शेष प्रदर्शनों में क़ुरान के अपमान का विरोध करने वाले और भारत सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वाले एक साथ ही सड़कों पर उतरे थे.

सीसीएस की बैठक

सुरक्षा मामलों की कैबिनट कमिटी ने कश्मीर मामले पर बैठक के बाद इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने का निर्णय किया है.

सीसीएस की बैठक में कश्मीर में पिछले दो दिन की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई और कश्मीर के लोगों से शांति बनाने की अपील की.

सीसीएस ने तय किया है कि इस मुद्दे पर बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए जिसमें कश्मीर के मामले पर किसी भी तरह का निर्णय किया जाए.

उल्लेखनीय है कि सीसीएस की बैठक में आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट को कुछ हिस्सों से हटाने पर चर्चा होनी थी लेकिन इस बारे में बैठक के बाद कोई जानकारी नहीं दी गई.

बैठक में मंत्रिमंडल के सभी वरिष्ठ मंत्री शामिल थे. इससे पहले जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और गृह मंत्री पी चिदंबरम से बातचीत की है.

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