समझौते के बाद भी तनाव क़ायम

Image caption आंदोलनकारियों ने कैथल में रोडवेज की एक बस को आग लगा दी.

हरियाणा में आंदोलनकारी जाटों और प्रशासन के बीच समझौते के दावे के बाद भी हिसार और आसपास के ज़िलों में बुधवार को भी स्थिति तनावपूर्ण बनी रही.

स्थानीय पत्रकार ऋषि सैनी के मुताबिक़ सरकारी नौकरियों में आरक्षण की माँग कर रहे जाटों ने हिसार-दिल्ली राजमार्ग पर बुधवार दोपहर तक जाम लगाए रखा.

वहीं हिसार से क़रीब 30 किमी दूर बरवाला कस्बे में अभी भी तनाव बना हुआ है.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक़ मंगलवार को दो लोगों की मौत हो गई थी लेकिन सरकार ने इस तरह की किसी मौत से इनकार किया है.

सोमवार को एक सरकारी प्रवक्ता ने चंडीगढ़ में कहा कि इस तरह की कोई मौत नहीं हुई. सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

एसपी का तबादला

आंदोलनकारियों ने कैथल में हरियाणा रोडवेज़ की एक बस को आग के हवाले कर दिया तो शोरखी गाँव के पास जाम के दौरान एक नेता की गाड़ी जला दी.

आरक्षण की माँग को लेकर हुए आंदोलन के दौरान काम में लापरवाही बरतने के आरोप में शासन ने हिसार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुभाष यादव को हटा दिया है.

मंगलवार को उग्र भीड़ ने एचपी कॉटन मिल में आग लगा दी थी. इससे उसके गोदामों में रखा करोड़ों रुपए का कपास जल गया. मिल से बुधवार को भी धुँआ उठता रहा.

हिंसा की इन घटनाओं के बाद राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल ने एक-दूसरे पर राजीतिक लाभ के लिए आंदोलन को हवा देने का आरोप लगाया है.

आरक्षण की माँग करने वाले जाट सोमवार से ही आंदोलन कर रहे हैं. मंगलवार को उन्होंने उकलाना रेलवे स्टेशन और एक सरकारी बैंक की शाखा में आग लगा दी थी.

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