नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी का आरोप

Image caption 2006 से अब तक गोलीबारी की 150 से ज़्यादा घटनाएं हो चुकी हैं.

भारतीय सेना के अधिकारियों ने पुंछ ज़िले के पहाड़ों में भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम के उल्लंघन और फ़ायरिंग का आरोप लगाया है.

दोनों पक्षों के बीच नियंत्रण रेखा पर 2003 में संघर्षविराम हुआ था लेकिन हाल में कई बार इसके उल्लंघन के आरोप लगे हैं.

अधिकारियों का कहना है कि शनिवार की रात पाकिस्तान सैनिकों ने कुछ तोप के गोले दागे और अन्य हथियारों से किरपाण और क्रांति चौकियों पर लगभग चार घंटे तक फ़ायरिंग की थी.

ये इलाक़ा भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में जम्मू से 250 कोलमीटर दूर पश्चिमोत्तर में स्थित है. पाकिस्तान की ओर से इस आरोप पर फ़िलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

'भारत की ओर से भी फ़ायरिंग'

अधिकारियों के मुताबिक भारतीय सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई में गोलियाँ चलाईं. भारतीय सेना का कहना है, "हमारी (भारतीय सेना) की तरफ़ कोई जानी नुक़सान नहीं हुआ है. ऐसा प्रतीत होता है कि ये फ़ायरिंग (पाकिस्तान की ओर से) घुसपैठियों को भारत में धकेलने के प्रयास के तहत हुई."

भारतीय सेना लगातार ये आरोप लगाती आई है कि ऐसी फ़ायरिंग की आड़ में पाकिस्तान चरमपंथियों को भारत में भेजने की कोशिश करता है.

लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार इसका खंडन किया है और उसका कहना है कि वह कश्मीरियों को केवल नैतिक और कूटनीतिक समर्थन देता है.

ग़ौरतलब है कि भारतीय सेना के अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने हाल में कहा था, "भारत में घुसपैठ की घटनाएँ तब से बढ़ी हैं जब से कश्मीर घाटी में प्रदर्शन शुरु हुए हैं.

भारत प्रशासित कश्मीर में पिछले तीन महीने से विभिन्न मुद्दों पर प्रदर्शन हो रहे हैं और इन प्रदर्शनों में हिसा और सुरक्षाबलों की कार्रवाई के कारण लगभग 100 लोग इस दौरान मारे गए हैं.

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