छत्तीसगढ़ में पुलिसकर्मियों के अपहरण की ख़बर

  • 20 सितंबर 2010
छत्तीसगढ़ में पुलिस की गश्त (फ़ाइल)
Image caption पुलिस ने अपहरण की ख़बर का न तो खंडन किया है न ही पुष्टि

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित ज़िले बीजापुर से एक सहायक उप निरीक्षक और पांच जवानों के अपहरण की खबरें आ रहीं हैं.

पुलिस के आला अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं मगर तार्लागढ़ में तीन लाशों के देखे जाने के बाद इलाके में दहशत है.

सूत्रों का कहना है कि रविवार की शाम भोपालपटनम और तार्लागढ़ मार्ग पर सहायक उप निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस वालों का एक दल नियमित गश्त पर था. कुछ गाँववालों का कहना है कि इसी दौरान हथियारबंद माओवादियों नें उनका अपहरण कर लिया.

बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक सहित राज्य के आला अधिकारी इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहते, ना वो घटना की पुष्टि कर रहे हैं और ना ही खंडन.

बहरहाल खबरें मिल रहीं हैं कि तीन लाशों को तर्लागढ़ के पास देखा गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह पर लाशें होने की बात कही जा रही है वह नदी के पार वाला इलाक़ा है.

मूसलाधार बारिश की वजह से ये इलाक़ा एक टापू में बदल गया है और वहां पहुँचने का एक मात्र साधन है नाव.

संवेदनशील ज़िला

फ़िलहाल स्थानीय पुलिस संभलकर क़दम रख रही है.

इस आशंका के मद्देनज़र कि यह माओवादियों की कोई चाल भी हो सकती है, पुलिस के अधिकारी जल्दबाज़ी से काम नहीं लेना चाह रहे हैं.

सूचना के अनुसार जहां लाशें देखे जाने की बात कही जा रही है वहाँ अभी तक पुलिस का दल वहाँ नहीं पहुँच पाया है.

वैसे सूत्र कहते हैं कि भोपालपटनम से केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के एक दस्ते को उस जगह के लिए रवाना किया गया है जहाँ से पुलिसकर्मियों के अपहरण किए जाने की बात कही जा रही है.

दंतेवाड़ा के बाद बीजापुर छत्तीसगढ़ का सबसे संवेदनशील ज़िला माना जाता है. पिछले एक महीने में इस ज़िले में माओवादी गतिविधियों में अचानक वृद्धि हुई है. इस दौरान माओवादियों नें कई लोगों की जान पुलिस का मुख़बिर होने के आरोप में ली है.

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