यूपी पुलिस के लिए करोड़ों की लाठियाँ

पुलिस की लाठी

पुलिस के पास होने को तो बंदूक भी होती है लेकिन काम ज़्यादा आती है लाठी.

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठी को पुलिस का सबसे 'विश्वसनीय हथियार' माना जाता है.

अयोध्या के मसले पर जब अदालत का फ़ैसला आने में अब चंद ही दिन बचे हैं तब केंद्र से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार तक सभी सुरक्षा इंतज़ाम को चौकस करने में लगे हुए हैं.

उत्तर प्रदेश सरकार को लग रहा है कि फ़ैसले के बाद हो सकता है कि भीड़ को नियंत्रित करने की ज़रुरत पड़े.

इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार भीड़ नियंत्रण के सबसे भरोसेमंद हथियार की एक बड़ी खेप ख़रीदने जा रही है.

शायद आपको यक़ीन न हो लेकिन लाठियाँ ख़रीदने के लिए बड़ी राशि खर्च होने वाली है.

लाठियों के अलावा अदालत का निर्णय आने के बाद किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हेलमेट और सुरक्षा कवच भी ख़रीदे जा रहे हैं.

राज्य सरकार ने ये सब सामान ख़रीदने के लिए 72.5 करोड़ रुपए ख़र्च करने का निर्णय लिया है.

इस राशि में से राज्य पुलिस को 50 करोड़, होम गार्ड को 16 करोड़ और प्रांतीय रक्षा दल को 6.5 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई को एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “पुलिस को एके-47 और इनसास जैसे आधुनिक हथियार मुहैया करवाए गए थे लेकिन परंपरागत साजो-सामान की तरफ़ अधिक ध्यान नहीं दिया गया था.”

अधिकारी ने कहा कि अयोध्या पर अदालती फ़ैसले के बाद उत्पन्न होने वाले संभावित हालात से निपटने के लिए हुई बैठकों में लाठी की अहमियत का अहसास किया गया.

राज्य पुलिस के लिए एक लाख लाठियां, इतने ही सुरक्षा कवच और हेलमेट ख़रीदे जा रहे हैं. इस बड़ी ख़रीद का जिम्मा इलाहाबाद स्थित पुलिस मुख्यालय को दिया गया है.

एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि रामपुर की एक लाठी की क़ीमत 300 रुपए है जबकि एक पोलीकार्बोनेटेड लाठी 500 से 700 रुपए के बीच पड़ती है.

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