घाटी में प्रतिनिधिमंडल ने किया ग़ुस्से का सामना

  • 21 सितंबर 2010
कश्मीर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का विरोध
Image caption अस्पताल के दौरे पर गए प्रतिनिधिमंडल को विरोध का सामना करना पड़ा.

केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम के नेतृत्व में भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के दौरे पर गया सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल घाटी में विभिन्न पक्षों के साथ मिलने के बाद अब जम्मू पहुंच गया है.

श्रीनगर से बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन के मुताबिक जम्मू पहुंचने से पहले इस प्रतिनिधिमंडल को घाटी में जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा है.

विरोध प्रदर्शनों की वजह से मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल को श्रीनगर के एक अस्पताल का दौरा रद्द करना पड़ा. एक अन्य अस्पताल में पहुंचने पर सर्वदलीय नुमाइंदों को भारत विरोधी नारों का सामना करना पड़ा.

स्थानीय लोगों से बातचीत

इससे पहले दिल्ली से गए इस दल ने टंगमर्ग में स्थानीय लोगों से मुलाक़ात की थी. इस मुलाक़ात के दौरान लोगों ने कश्मीर की समस्या को सुलझाने की ज़रुरत पर अपना मत रखा.

कुछ लोगों ने हालात से निपटने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों के तरीकों की आलोचना भी की.

सोमवार को इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्य अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और मीरवायज़ उमर फ़ारुक़ से मिले थे.

इससे पहले अलगाववादी नेताओं ने किसी भी औपचारिक बातचीत से इंकार कर दिया था. भारत प्रशासित कश्मीर में पिछले कुछ महीनों से शुरु हई हिंसा के बाद अब तक सौ से अधिक लोग मारे गए हैं.

पनुन कश्मीर को नहीं बुलाया

जम्मू स्थित बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी के अनुसार ये सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जम्मू में भी घाटी की तरह विभिन्न राजनीतिक दलों के नुमाइंदों के अलावा सामाजिक संस्थाओं और व्यापारिक संगठनों से बातचीत कर रहा है.

कश्मीरी पंडितों की संस्था पनुन कश्मीर के अग्निशेखर ने बीबीसी को बताया, "ये सब क्या मज़ाक है? जो लोग घाटी में प्रतिनिधिमंडल से मिल चुके हैं वे दोबारा उनसे मिल रहे हैं जबकि जिन लोगों की आवाज़ प्रतिनिधिमंडल को सुननी चाहिए उन्हें निमंत्रण ही नहीं दिया गया है.

ग़ौरतलब है कि जहाँ पनुन कश्मीर जैसे संगठनों को कश्मीरी पंडितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए नहीं बुलाया गया है वहीं 1947 में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से भारत आए थे और जिन्हें जम्मू में रहते हुए कोई नागरिकता नहीं मिली हुई है, उन्हें भी बुलाया नहीं गया है.

इनमें से एक शरणार्थी जसपाल सिंह का कहना था, "हम शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे हैं."

उधर भाजपा ने जम्मू में प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बॉयकॉट का आहवान किया है यदि विश्व हिंदू परिषद और अमरनाथ यात्री संघर्ष समिति को इसमें बुलाया नहीं जाता है.

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